यदि आप किसी भी बाजार विशेषज्ञ से पूछेंगे, तो वे आपको बताएंगे कि स्टॉक बाजार में ट्रेड करने का कोई एक बेहतर तरीका नहीं है। केवल अलग-अलग ट्रेडर्स के लिए अलग-अलग  ट्रेडिंग के तरीके फायदेमंद रहते हैं। इसी तरह, डे ट्रेडिंग और स्विंग ट्रेडिंग दोनों ही मान्यता प्राप्त ट्रेडिंग के तरीके हैं, और आप अपनी जोखिम लेने की क्षमता के आधार पर किसी एक या दोनों ला मिला-जुला रूप चुन सकते हैं। हम आपको दोनों के बीच के अंतर को समझने और आपकी ट्रेडिंग रणनीति में इन्हें कैसे शामिल किया जाए, इसमें आपकी सहायता करेंगे।

आइए विभिन्न ट्रेडिंग स्टाइल्स को समझने के साथ शुरुआत करते हैं।

दो ट्रेडिंग स्टाइल्स के बीच प्रमुख अंतर निवेश, समय और प्रतिबद्धता पर निर्भर करता है। विभिन्न ट्रेडर्स समय, पूंजी उपलब्धता, और मनोविज्ञान के आधार पर विभिन्न ट्रेडिंग तरीकों का चयन करते हैं।

डे ट्रेडिंग

डे ट्रेडिंग शायद सबसे आम ट्रेडिंग स्टाइल में से एक है। अधिकांश ट्रेडर्स डे ट्रेडर्स होते हैं जो दिन के समय बाजार में मूल्य आवागमन से लाभ प्राप्त करते हैं। जैसा कि नाम से पता चलता है, सभी डे ट्रेडिंग एक दिन के भीतर होती है। ट्रेडर्स ट्रेडिंग समय के दौरान कई पोजीशन को खोलते हैं और दिन पूरा होते-होते उन सभी को बंद करते हैं।

डे ट्रेडर्स तकनीकी विश्लेषण और गतिशील जानकारियों के लिए सॉफ्टवेयर पर निर्भर रहते हैं। वे अक्सर पूर्णकालिक ट्रेडर्स होते हैं और लाभ के अवसरों के लिए बारीकी से बाजार पर नज़र बनाये रखते हैं। डे ट्रेडिंग छोटे ट्रेडिंग खातों में कम से कम प्रतिशत में ही सही अधिक लाभ के अवसर प्रदान करती है। वे एक ही ट्रेड से बड़े लाभ की तलाश नहीं करते हैं। इसके बजाय, अपने लाभ लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कई लेनदेन करते हैं।

संक्षेप में कहें तो, डे ट्रेडिंग उच्च फ्रीक्वेंसी की ट्रेडिंग है, जिसमें वहां छोटी मात्रा शामिल होती है जहां स्टॉक का खरीद मूल्य बिक्री मूल्य से हमेशा कम होता है।

स्विंग ट्रेडर्स

डे और स्विंग ट्रेडिंग के बीच मुख्य अंतर अवधि का है। स्विंग ट्रेडिंग कई दिनों या हफ्तों तक चल सकती है। स्विंग ट्रेडर्स कोई ट्रेड करने से पहले एक पैटर्न के उभरने प्रतीक्षा करते हैं। वे पूर्णकालिक ट्रेडर्स नहीं होते हैं; इसके बजाय, वे उभरते ट्रेंड्स की पहचान करने के लिए बुनियादी और तकनीकी विश्लेषण दोनों का उपयोग और इसके साथ व्यापार करते हैं। वे समय की एक छोटी अवधि के भीतर अधिकतम लाभ क्षमता के साथ स्टॉक्स की तलाश करेंगे। इसमें उच्च जोखिम लेकिन उच्च लाभ के अवसर भी शामिल रहते हैं।

हम निम्नलिखित मुख्य मानकों के साथ स्विंग व्यापार को और अधिक आसानी से समझ सकते हैं

— स्विंग ट्रेडिंग, ट्रेंड ट्रेडिंग और डे ट्रेडिंग के बीच की ट्रेडिंग है। कभी कभी स्विंग ट्रेडिंग 2-3 सप्ताह के लिए चल सकती है इससे पहले कि बाजार की स्थिति सही हो

— स्विंग ट्रेडर्स बातचीत शुरू करने से पहले कम से कम रातभर अपनी स्थिति बनाए रखेंगे

— स्विंग ट्रेडर्स लाभ की संभावना वाले स्टॉक्स की पहचान करने के लिए बुनियादी और तकनीकी विश्लेषण दोनों का मिश्रण करते हैं

— आमतौर पर, बुनियादी ट्रेडर्स स्विंग ट्रेडर्स होते हैं क्योंकि आम तौर पर बाजार के ट्रेंड को प्रभावित करने के लिए कॉर्पोरेट समाचार को कम से कम एक सप्ताह का समय लगता है

स्विंग ट्रेडिंग बनाम डे ट्रेडिंग के बीच महत्वपूर्ण अंतर

स्विंग और डे ट्रेडिंग दोनों ने ही ट्रेडिंग उद्योग में अपनी जगह बनाई है, लेकिन वे एक जैसे नहीं हैं। इनदो ट्रेडिंग स्टाइल के बीच मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं।

— डे ट्रेडिंग में, ट्रेडर्स दिन भर में कई स्टॉक खरीदते हैं और बेचते हैं। स्विंग ट्रेडर्स (आमतौर पर दो दिनों से लेकर कई हफ्तों के के बीच) एक बड़ी समय सीमा में कई स्टॉक्स का ट्रेड करते हैं। वे लाभ क्षमता को बढ़ाने के लिए एक ट्रेंड पैटर्न के उभरने की प्रतीक्षा करते हैं।

— डे ट्रेडर्स दिन पूरा होने की घंटी बजने से पहले अपनी सभी पोजीशन बंद कर देंगे। स्विंग ट्रेडर्स अगले दिन बातचीत शुरू करने से पहले कम से कम एक रात तक अपनी स्थिति बनाए रखेंगे।

— स्विंग ट्रेडिंग एक अंशकालिक नौकरी है। स्विंग ट्रेडर्स रोज़ाना कुछ घंटों के लिए सक्रिय रहते हैं और पूरे दिन कंप्यूटर से चिपके नहीं रहते हैं। डे ट्रेडिंग के लिए पूरे समर्पण और समय की आवश्यकता होती है।

— डे ट्रेडिंग की तुलना में स्विंग ट्रेडिंग करने में कम विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। इसलिए, नौसिखिए लोग डे ट्रेडिंग की तुलना में स्विंग ट्रेडर्स के रूप में अधिक तेजी से सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

— डे ट्रेडर्स, लाभ के अवसरों को कई गुना बढाते हुए, एक दिन में कई लेनदेन करते हैं। लेकिन लाभ और नुकसान अपेक्षाकृत कम होते हैं। स्विंग ट्रेडिंग में, लाभ और हानि की घटनाएं कम होती हैं, लेकिन अक्सर पर्याप्त होते हैं।

— डे ट्रेडिंग के लिए, निवेशकों को नवीनतम तकनीक और सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। डे ट्रेडर्स को वास्तव में तेज़ी से काम करने वाला होने की आवश्यकता होती है। स्विंग ट्रेडिंग को परिष्कृत और नवीनतम अनुप्रयोगों की आवश्यकता नहीं होती है।

स्विंग बनाम डे ट्रेडिंग: कौन बेहतर है?

स्विंग बनाम डे ट्रेडिंग को लेकर एक बहस चल रही है।

एक व्यापारी के रूप में, हर किसी की पहली प्राथमिकता अधिकतम लाभ बनाने के लिए होती है। तो, स्विंग और डे ट्रेडिंग में से, कौन लाभदायक है?

दोनों प्रकार के ट्रेडिंग तरीके बहुत से फायदे प्रदान करते हैं, लेकिन कुछ नुकसान हैं, जिन्हें आपको अपनी तरीका चुनते समय ध्यान में रखना चाहिए। निम्नलिखित सूची दोनों के फायदों और नुक्सान पर चर्चा करती है।

— समय के हिसाब से देखा जाए तो, स्विंग ट्रेड लंबे समय तक चलता है, इसलिए कम भागीदारी की मांग करता है. दूसरी तरफ, डे ट्रेडिंग में बाजार की निरंतर निगरानी की जरूरत होती है, और आपको निर्णय लेने में तेज़ होने की आवश्यकता होती है

— स्विंग ट्रेडर्स एक अच्छे-खासे लाभ की तलाश में रहते हैं, जबकि डे ट्रेडर्स दिन के लाभ को बढाने के लिए अधिकतम ट्रेड करते हैं

— जोखिम के हिसाब से देखा जाए तो, स्विंग ट्रेडर्स अपनी स्थिति रात भर खुली छोड़ कर अधिक जोखिम उठाते हैं। इसके उलट, डे ट्रेडर्स दिन पूरा होते ही अपनी स्थिति को बंद कर देते हैं। इसलिए, कोई भी जोखिम आगे नहीं बढ़ पाता है।

—  स्विंग ट्रेडिंग में, ट्रेड परिपक्व होने में अधिक समय लेता है, और ट्रेडर्स बाजार की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए इस समय का उपयोग करते हैं। यह जोखिम को कम करने में मदद करता है। डे ट्रेडर्स को ट्रेडों को पूरा करने के लिए तेज़ होना चाहिए क्योंकि एक नुकसान दिन भर के पूरे लाभ को मिटा सकता है

— पूंजी आवश्यकता स्विंग ट्रेडिंग की तुलना में डे ट्रेडिंग के लिए कम है, जो डे ट्रेडिंग को अधिकांश ट्रेडर्स के लिए सुलभ बनाता है

रिटर्न की तुलना करना

जितना अधिक जोखिम भरा व्यापार होगा, रिटर्न उतना ही अधिक होगा। इसका मतलब, डट ट्रेडिंग से ट्रेडों पर चक्रवृद्धि रिटर्न मिलता है।

डे  में, निर्णय लेने के लिए बहुत ही कम समय रहता है, जिसका अर्थ है कि ट्रेडर्स को तेज़ी से निर्णय लेना पड़ता है, जिससे जोखिम बढ़ जाता है। नियम के अनुसार ट्रेडर्स को अपनी पूंजी का 0.5 प्रतिशत या 2:1 के अनुपात में जोखिम उठाना पड़ता है। इसका मतलब यह है कि जब कोई नुकसान होता है, ट्रेडर को उसकी पूंजी का 0.5 प्रतिशत नुकसान होता है। लेकिन जब लाभ होता है, तो वह पूंजी का 1 प्रतिशत होता है।

स्विंग ट्रेड के मामले में, लाभ पैटर्न धीरे-धीरे उभरता है। डे ट्रेडिंग के समान जोखिम-इनाम अनुपात के साथ, कोई व्यक्ति 1 से 2 प्रतिशत लाभ बनाने में सक्षम होता है।

तो, स्विंग ट्रेड बेहतर क्यों है? 

स्विंग ट्रेडिंग नौसिखिए ट्रेडर्स के लिए सबसे अच्छा सौदा है। इसमें कम कौशल और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त, यदि आप पूर्णकालिक ट्रेडर नहीं हैं, तो आपके लिए अगला सबसे अच्छा विकल्प स्विंग ट्रेडिंग है, जो आपसे पूरे दिन कंप्यूटर स्क्रीन पर चिपके रहने की मांग नहीं करता है।

तीसरा, यह खुदरा ट्रेडर्स के लिए एकमात्र विकल्प है। याद रखें, जब आप एक ट्रेडर होते हैं, तो आप अकेले काम कर रहे होते हैं, और आपके खिलाफ काम करने वाली कई बाजार की स्थितियां मौजूद हो सकती हैं। जब तक आपके पास एक बड़ा खजाना उपलब्ध नहीं है और बड़े जोखिम को उठाने की क्षमता नहीं है, डे ट्रेडिंग मुश्किल हो सकती है। डे ट्रेडिंग में, आपको विशेष रूप से तेजी से प्रतिक्रिया देनी होती है, और जब तक किआपके पास अच्छा-ख़ासा अनुभव और बाजार के बारे में ज्ञान नहीं है, यह मुश्किल हो सकता है। इसके विपरीत, स्विंग ट्रेडिंग आपको बाजार का आंकलन करने और ट्रेडिंग से पहले ट्रेड के अवसरों का विश्लेषण करने की अनुमति देता है।

निष्कर्ष

स्विंग बनाम डे ट्रेडिंग एक खुली बहस है। दोनों ट्रेडिंग के तरीके अच्छे-खासे लोकप्रिय हैं, और प्रत्येक श्रेणी में ट्रेडर्स की एक बड़ी संख्या है। आप अपने व्यापारिक व्यक्तित्व के आधार पर किसी एक तरीके को चुन सकते हैं। हालांकि, स्विंग ट्रेडिंग आपको बाजार से सामंजस्य बैठाने और अधिक लाभ के लिए जोखिम उठाने के लिए अधिक समय देता है। यह धैर्य रखने के लिए आपको पुरस्कृत करता है और समय के साथ बाजार में अपनी धाक भी जमाता है। हालांकि, सफलतापूर्वक स्विंग ट्रेड करने के लिए, आपको तीन Ms, माsssssनसिकता, विधि और धन प्रबंधन में माहिर होने की आवश्यकता है।