विकल्पों की कॉल

‘विकल्प’ एक प्रकार का डेरीवेटिव है जो आपको भविष्य में किसी एक निश्चित तिथि पर, पूर्व निर्धारित मूल्य पर, किसी ख़ास एसेट को खरीदने या बेचने का अधिकार देता है। हालांकि, यह इस अधिकार का कोई करार/ गारंटी नहीं  है। विकल्प कई तह के एसेट्स के लिए उपलब्ध हैं, जैसे की स्टॉक, सोना, पेट्रोलियम, गेहूं इत्यादि।

विकल्प दो प्रकार के होते हैं – कॉल विकल्प और पुट विकल्प। कॉल विकल्प एक ऐसा साधन है जो आपको कुछ खरीदने का अधिकार देता है, लेकिन करार नहीं देता है। पुट विकल्प कुछ बेचने का अधिकार देता है लेकिन करार नहीं।

शेयर मार्किट में कॉल विकल्प क्या है?

2001-2 में भारतीय शेयर मार्केट्स में कॉल और पुट विकल्प लाये गए थे। स्टॉक्स में ट्रेडिंग कॉल विकल्प आपको बड़ी मात्रा में पूंजी खर्च किए बिना और काफी कम जोखिम में, भावों में उतार-चढ़ाव का लाभ उठाने में मदद करते है।

चलो एक उदाहरण के साथ देखते हैं कि इन से ट्रेडिंग करना कैसे फायदेमंद है। मान लें कि आप उम्मीद करते हैं कि किसी ख़ास कंपनी एबीसी के शेयर की कीमत भविष्य में 100 रुपये से बढ़कर 150 रुपये होगी। आप ट्रेडिंग में कॉल विकल्पों से लाभ उठाना चाहते हैं। तो आप 100 रुपये की स्ट्राइक कीमत पर 1,000 शेयर्स खरीदते हैं। जब शेयर की कीमतें 150 रुपये तक बढ़ जाती हैं, तो आप 100 रुपये में शेयर खरीदने के अपने अधिकार का प्रयोग कर सकते हैं। इस प्रकार आप 50,000 रुपये, या (150-100) x 1,000 का लाभ कमा सकेंगे। अगर कीमत 50 रुपये तक गिर जाती है, तो आप अपने अधिकार का प्रयोग न करके 50,000 रुपये खोने से बच सकते हैं। इस मामले में आपको एकमात्र नुकसान उस प्रीमियम का होगा जो आप विकल्प अनुबंध के लिए भरेंगे।

लेवेरेज लाभ

प्रीमियम वह कीमत है जिसका भुगतान आप अनुबंध बनाने के लिए करते हैं। विभिन्न कारण प्रीमियम को प्रभावित करते हैं, लेकिन यह उस ख़ास एसेट के कीमत का केवल एक अंश मात्र ही होता है। यह आपको दी गई सीमित पूंजी के साथ काफी अधिक मात्रा में ट्रेड करने का अवसर देता है।

यदि आप स्टॉक्स में 10 लाख रुपये का निवेश करते हैं और कीमतें 10 प्रतिशत तक बढ़ जाती हैं, तो आप 1 लाख रुपये का लाभ उठा पाएंगे। हालांकि, इतने ही निवेश से, आप कॉल विकल्पों के साथ बहुत अधिक मात्रा में ट्रेड करने में सक्षम होंगे – आप 90 लाख रुपये तक के लेनदेन का हिस्सा बन सकते हैं। आपको केवल अग्रिम भुगतान यानी की प्रीमियम भरना है, जो की लगभग 10 प्रतिशत है। यदि स्टॉक की कीमतें10 प्रतिशत तक बढ़ जाती हैं, तो आपका लाभ 9 लाख रुपये होगा! इसलिए ट्रेडिंग में निश्चित ही विकल्प बहुत फायदेमंद हैं।

इच्छा से इस्तेमाल

कॉल विकल्प अनुबंध 1, 2 या 3 महीने के लिए उपलब्ध हैं। हालांकि, आप समाप्ति अवधि के अंत से पहले किसी भी समय अनुबंध से बाहर निकल सकते हैं।

यदि आप खरीदार हैं, तो आप किसी भी समय बाहर निकल सकते हैं चाहे कीमतें प्रतिकूल हो जायें या आप मुनाफा कमाना चाहते  हों। इसी प्रकार विक्रेता या लिखने वाले के पास भी घाटा कम करने के लिए अनुबंध से बाहर निकलने का विकल्प होता है। हालांकि, विक्रेता को बाहर निकलने के लिए प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है, क्योंकि स्थिति के अनुसार प्रीमियम बदलता है। विक्रेता के दृष्टिकोण से, जब कीमतें प्रतिकूल हो जाती हैं, और अब अनुबंध उपयोग करने के लायक न हो तो, इसे ‘आउट-ऑफ-द-मनी’ कहा जाता है। खरीदार के मामले में, स्थिति ‘इन-द-मनी ‘ है क्योंकि वह अनुबंध का प्रयोग करके पैसे कमालेता है। तो वह जिस प्रीमियम की अपेक्षा करता है वह अधिक होगा। देय प्रीमियम और प्राप्त प्रीमियम के बीच का अंतर, खरीदार के मामले में लाभ और विक्रेता के मामले में नुकसान होगा।

इस प्रकार के अनुबंध तीन तरीको से व्यवस्थित किये  जा सकते हैं । पहला लेनदेन को निपटारा  करना है – यानी कि आप एक ही कीमत पर, एक ही स्टॉक के लिए पुट विकल्प खरीद सकते हैं। कॉल और पुट विकल्पों के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम के बीच का अंतर आपका लाभ/हानि होगा। दूसरा  विकल्प है बेचदेना। तीसरा समाप्ति अवधि के अंत में स्ट्राइक मूल्य पर समझौता करना है।

कॉल विकल्प कैसे खरीदें

प्रीमियम का भुगतान करने के बाद अपने ब्रोकर के माध्यम से उसी तरह कॉल विकल्प खरीद सकते हैं जैसे आप स्टॉक खरीदते हैं । यह प्रीमियम तब एक्सचेंज में जाता है और अंततः विक्रेता या लेखक तक पहुँच जाता है। कॉल विकल्पों को खरीदने के तरीकों के बारे में सीखते समय, आपको याद रखना चाहिए कि सभी स्टॉक में स्टॉक विकल्प नहीं होता हैं। विकल्प अनुबंध केवल चुनिंदा सिक्योरिटीज के लिए उपलब्ध हैं – लगभग 175 के आसपास।

आप सूचकांक के लिए भी इन्हें खरीद सकते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई सूचकांक  जैसे की निफ्टी 50 भविष्य में ऊपर जायेगा , तो आप उस पर कॉल विकल्प खरीद कर उसे लाभ में बदल सकते हैं। इंडेक्स विकल्प कम जोखिम भरे होते हैं क्योंकि आप अलग-अलग स्टॉक्स  में निवेश करेंगे,  ना कि सबकुछ एक साथ दांव पर लगा देंगे ।

कॉल विकल्पों के ट्रेडिंग में कई फायदे हैं। आप एक निश्चित राशि के लिए काफी बड़ी मात्रा में ट्रेडिंग कर सकते हैं, संभावित नुकसान आपके द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम तक ही सीमित हैं, साथ ही यह आपको उन शेयर्स में भी ट्रेड करने की अनुमति देता है जो अन्यथा खरीदने पर बहुत महंगे होंगे। ये तेजी से बढ़ते मार्किट में सबसे अच्छा काम करते हैं, क्योंकि आप शेयर की कीमतों में वृद्धि से लाभ उठा सकते हैं। पुट विकल्प आम तौर पर गिरते हुए मार्किट में बेहतर काम करते हैं, क्योंकि यह खरीदारों को गिरती हुई कीमतों से फायदा देते हैं।

स्टॉक्स में प्रत्यक्ष निवेश की तुलना में संभावित नुकसान कॉल विकल्पों से कम हो सकता है, लेकिन आपको पैसा बनाने के लिए सही समय देखना  होगा।