मै अपने प्रतिभूतियों शेयर्स, बॉन्ड, आदि) के मूल्य में संभावित वृद्धि के बारे में  जानकारी कैसे प्राप्त करूँ?

आप अपने प्रतिभूतियों के मूल्य में संभावित वृद्धि कि जानकारी प्राप्त करने के लिए मौलिक अनुसंधान की विधि का उपयोग कर सकते हैं।

मौलिक अनुसंधान का अर्थ क्या है?

मौलिक अनुसंधान विकास की संभावनाएँ और आकर्षक अंतर्निहित व्यापार के  आधार पर प्रतिभूतियों का मूल्यांकन करने का एक तरीका है। इसमें वित्तीय, प्रतिस्पर्धात्मक व्यापार का लाभ, प्रबंधन की गुणवत्ता और अन्य कारकों के बीच प्रतिस्पर्धी वातावरण का विश्लेषण करना शामिल है।

मौलिक अनुसंधान का सिद्धांत इन तथ्यों पर आधारित  है कि किसी संपत्ति का बाजार मूल्य बाह्य तथ्यों के कारण उसके उचित मूल्य से अल्पावधि में हि विचलित हो सकता है जैसे निवेशक भावनाएँ या बाजार का रुझान, लेकिन लंबे अंतराल में अपने वास्तविक या आंतरिक मूल्य कि ओर बढ़ता रहता हैं।  

एक कंपनी का विश्लेषण करते समय विश्लेषक कौनसे कारकों का निरीक्षण करता हैं?

मौलिक विश्लेषकों का यह मानना है कि वित्तीय विवरणों में  दृढ़ (firm) मूलभूत कारक प्रतिरूप कि तरह हैं और वह अपनी कमाई की क्षमता के सच्चे संकेतक हैं और इस प्रकार, प्रतिभूतियों का भविष्य का मूल्यांकन करतें हैं। विश्लेषकों द्वारा निरीक्षण किए गए कुछ कारक – 

1. उद्योग की वृद्धि

2. कंपनी के प्रतिस्पर्धात्मक लाभ और मार्केट शेयर्स हासिल करने की क्षमता

3. कमाई और आय में वृद्धि

4. प्रबंधन की गुणवत्ता

5. वित्तीय और मूल्यांकन अनुपात जैसे मार्जिन,  मुनाफा के अनुपात, पी/ई (मूल्य से कमाई का अनुपात), आदि

मौलिक अनुसंधान में मूल्यांकन का महत्व क्या है?

मूल्यांकन मौलिक अनुसंधान के सबसे महत्वपूर्ण तत्वों में से एक है। ‘मूल्य’ एक उचित व्यवसाय और एक उचित निवेश के बीच का अंतर  है। दुनिया के सर्वोत्तम शेयर का अधिक कीमत पर निवेश भी कभी कभी शानदार मुनाफा अर्जित नहीं कर सकता है। किसी शेयर के लिए अदा की गई कीमत सबसे ज्यादा मायने रखती है और मौलिक अनुसंधान से यह निर्धारित करने में मदद मिलती है कि शेयर किस आंतरिक मूल्य पर ट्रेड होगा।