What Is a NFO (New Fund Offer) ?

Podcast Duration: 5:32
एन ऍफ़ ओ (न्यू फ़ंड ऑफर) क्या है? नमस्ते दोस्तों ! आपका स्वागत है एंजेल ब्रोकिंग के इस पॉडकास्ट में। दोस्तों निवेश की दुनिया में कोई दो दिन एक से नहीं होते - ठीक वैसे ही आप ये बात ज़िंदगी के बारे में बोल सकते हो। लेकिन बाज़ार में कुछ नया हर दिन ऊपर- नीचे होता रहता है, शायद यह हम सब अपनी ज़िंदगी के बारे में नहीं बोल सकते।कुछ लोग तो अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी से तंग आकर कुछ रोमांचक और अनोखा करने को ही अपनी ज़िंदगी का मकसद बना लेते हैं। अब मेरे दोस्त कार्तिक का ही उदाहरण ले लो, वो रोज़ कोई न कोई दोस्त को फोन करके एक नयी ट्रिप प्लान करने के लिए मनाने में 15 मिनट खर्च करता है। वहीं मेरा दोस्त केनिथ बाज़ार में ऑफर किए जा रहे सभी म्यूचुअल फ़ंड के आंकड़े देख कर बोर हो गया है। इतना ज्यादा कि आप किसी फ़ंड का नाम लो और वो आपको 1,3,5 यर के रिटर्न से लेकर एक्ज़िट लोड, अनुमान और होल्डिंग्स तक की जानकारी आपको उँगलियों पर गिनवा देगा। वो नए म्यूचुअल फ़ंड की खबरें ही देखता रहता है। अरे इसी कहानी से मुझे याद आया आपको एन एफ ओ के बारे में बताने का , तो शुरू करते हैं जानना की एन एफ ओ का मतलब क्या होता है, और केनिथ नए म्यूचुअल फ़ंड के लिए इतना उतावला क्यों है। तो दोस्तों एन एफ ओ मूल रूप से एक नए फ़ंड की ऑफर है। इसके नाम में ही इसका अर्थ छिपा है, जैसे की न्यू फ़ंड ऑफरिंग का मतलब हुआ की मार्केट में नया फ़ंड ऑफर किया जा रहा है। यह सुनके कुछ घंटी बाजी, कुछ और याद आया? इनिश्यल पब्लिक ऑफरिंग याद है, जिनसे बाज़ार में स्टॉक को नए बाज़ार में प्रस्तुत किया जाता है। एन एफ ओ भी लगभग आई पी ओ के जैसे ही है। सिर्फ एक बात को छोड़कर की एन एफ ओ के माध्यम से संपत्ति प्रबंधन कंपनियाँ नए म्यूचुअल फ़ंड के अंतर्गत प्रतिभूतियाँ खरीदने के लिए पैसे इकट्ठा करती हैं। तो निवेशक के तौर पर एन एफ ओ आपके लिए कैसे फायदेमंद हैं? चलिये देखते हैं, जब कोई संपत्ति प्रबंधन कंपनी एक नया फ़ंड ऑफर करती हैं तो वो इसके यूनिट्स को एक निर्धारित मूल्य पर बाज़ार में ऑफर करती हैं। यह मूल्य सामान्यत: 10 रुपये की होती है। यानि म्यूचुअल फ़ंड का एक यूनिट आपको 10 रुपये में ऑफर किया जाता है, एन एफ ओ के एक इशू के साथ आप एक दस्तावेज़ भी कर सकते हैं जिसमें लिखा होता है की जमा की गयी राशि का क्या किया जाएगा। इस दस्तावेज़ को ऑफर दस्तावेज़ कहते हैं। दोस्तों एन एफ ओ सामान्यत: बाज़ार में 30 दिन के लिए उपलब्ध होते हैं। एन एफ ओ दो प्रकार के होते हैं अनिर्धारित और निर्धारित। इनके बीच में फर्क ये होता है कि निर्धारित एन एफ ओ में आपके पैसे कुछ निर्धारित अवधि के लिए लॉक किए जाते हैं, जिसमें आप अपने पैसे फ़ंड से नहीं निकाल सकते। तकनीकी रूप से आप निर्धारित फ़ंड के यूनिट्स आप बाज़ार में बेच सकते हैं पर यह पूर्ण रूप से नक़द नहीं किए जा सकते। आप सोच रहे होंगे कि म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करने कि बजाए एन एफ ओ के ज़रिये निवेश करने से क्या फ़ायदा? और इसी बारे में आज हम बात करेंगे इसके अतिरिक्त एन एफ ओ में निवेश करने से पहले कुछ तरीके जिनके बारे में आपको सावधान रहना होगा उसकि भी चर्चा करेंगे। पहला फ़ायदा एन एफ ओ के ज़रिये आप अपने पैसे को नयी और उन्नत रणनीतियों के ज़रिये बढ़ा सकते हो। उदाहरण के तौर पर कुछ फ़ंड आपको आई पी ओ कंपनियों में व्यवस्थतित ढंग से निवेश करने में मदद करते हैं। तथा कुछ और हैं जिनका आपके निवेश को पुटऑप्शन के इस्तेमाल से सुरक्शित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह एन एफ ओ आपके फ़ंड को नया विवरण देते हैं। दूसरा फ़ायदा यह है कि आपने अगर एन एफ ओ बाज़ार के उच्चतम स्तर पर खरीदें थे , तो आपका फ़ंड मैनेजर आपके फ़ंड को होल्ड करके न्यूनतम स्तर पर खरीद सकता है। इससे बाज़ार के उच्चतम स्तर पर दाखिल होने कि चिंता से छुटकारा मिलेगा। तीसरा फ़ायदा कुछ लोग लॉक इन पीरियड नहीं चाहते लेकिन आंकड़े दिखाते हैं कि ज़्यादातर लोग इक्विटि मार्केट में दो साल के लिए निवेश करते हैं और दीर्घकालिक निवेश का महत्व नहीं समझते, म्यूचुअल फ़ंड में आपको दीर्घकालिक निवेश का मौका मिलता है। अब दोस्तों यह फ़ायदा आपके निर्णय और आपके एन एफ ओ को जारी करने वाली कंपनी और उसके फ़ंड मैनेजर पर भी निर्भर है। तो देखते हैं एन एफ ओ में निवेश करने से पहले कुछ ध्यान में रखने योग्य बिन्दु। नंबर एक- एन एफ ओ इशू करने वाली कंपनी की प्रतिष्ठा और मौजूदा ओफ़रिंग्स पर ध्यान दें। नंबर दो- एन एफ ओ के फ़ंड प्रबंधन पर ध्यान दें , क्या जो लोग आपको और लाखों लोगों के पैसों का प्रबंधन कर रहें हैं क्या वो वाकई में इसके लिए योग्य हैं। नंबर तीन- दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें इसमें आपको निवेश रणनीति तथा आबंटन के संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। और सबसे अंत में एन एफ ओ का कोई निवेश इतिहास नहीं होता और न ही कोई प्रदर्शन सूचक इसलिए निवेश से पहले सभी जोख़िम और लाभ योग्यता के बारे में जान लें। तो दोस्तों इस पॉडकास्ट से आपको एन एफ ओ के बारे में काफी जानकारी मिल गयी होगी और वो निवेश रणनीति में कैसे आपकी मदद कर सकते हैं। एन एफ ओ काफी रोचक हो सकते हैं पर जोखिमों को भी ध्यान में रखें। इनके बारे में ज्यादा जानने के लिए यू ट्यूब चैनल या एंजेल ब्रोकिंग डॉट कॉम की साइट देखें। मिलते हैं अगले पॉडकास्ट पर तब तक एंजेल ब्रोकिंग की और से अलविदा, शुभ निवेश ! म्यूचुअल फ़ंड निवेश बाज़ार जोखिमों के आधीन हैं, सभी दस्तावेज़ों को ध्यान से पढ़ें।