Investment strategies for your long term goals | Hindi

Podcast Duration: 08:21

आपके लॉन्ग टर्म गोल्स के लिए इन्वेस्टमेंट रणनीति

हेलो दोस्तों, एंजेल ब्रोकिंग के इस पॉडकास्ट में आपका स्वागत है!

दोस्तों लॉकडाउन का टाइम अब लगभग और उम्मीद है जा चुका है, और आर्थिक सुधार का मौसम आ पहुंचा है। इस बीच, कई लोग अपने इन्वेस्टमेंट गोल्स और पर्सनल फाइनांस को रिव्यू कर रहे हैं। और क्यों नहीं! कहते हैं कि कुछ अर्थपूर्ण बनाने में समय लगता है-इन्वेस्टमेंट के मामले में यह बात बेहद महत्वपूर्ण है, है ना? आपने कभी किसी को रातों-रात मिलियनेयर बनते देखा है? अच्छा बिटकॉयन मिलियनेयर की बात नहीं करते हैं, क्योंकि ज़्यादातर मामलों में ऐसी मिलियनेयर बनाने की योजनायें आपके कुछ हज़ार रुपयों को ख़ाक में बदल सकती हैं। लेकिन अपने जीवन में ही अमीर बनने का पुख्ता और सुरक्षित तरीका है - और वह है लॉन्ग टर्म पर ध्यान केन्द्रित करना। आपके लॉन्ग टर्म गोल्स जो भी हों - चाहे आप विला खरीदना चाहते हों या बीच, या बस पचास साल की उम्र तक आप अमीर बनना चाहते हों - इन्वेस्टमेंट इस रणनीति का निश्चित रूप से अभिन्न हिस्सा होगा। इसलिए, आज हम लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट की बारीकी और रणनीति पर बात करने वाले हैं. सो क्या आप उत्साहित हैं? तो अभी शुरू करते हैं, इस पांच प्रमुख पहलों पर निगाह डालते हुए!

नंबर 1- लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट आपको जोखिम को अलग तरीके से देखने में मदद कर सकता है।

दोस्तों लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट आपके पैसे को लम्बे समय के लिए अन्तर्निहित संपत्ति सृजन प्रक्रिया का एक्सपोज़र देते हैं। तो जब आप अपने फंड को 20 से 30 साल के टाइम पीरियड के लिए इन्वेस्ट करते हो तो आपको इस पर ध्यान देना चाहिए कि संपत्ति सृजन की प्रक्रिया कितनी सस्टेनेबल है। मसलन, अगर आप अपने फंड के दसवें हिस्से को किसी एग्रो-फ़ूड म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट कर रहे हो तो आपका पैसा उस उतार-चढ़ाव से बच जाएगा जिससे आने वाले दिनों में उद्योग गुजरने वाला है। कहते हैं कि 2008 की फाइनेंशियल क्राइसिस और कोविड क्राइसिस जैसी अड़चनें, जो शॉर्ट में बेहद नुकसान दिखाते हैं, वो लॉन्ग रन के ग्रोथ कर्व में फ़्लैटन हो जाते हैं।

इसीलिए, कम जोखिम झेलने की क्षमता होने के बावजूद, लॉन्ग टर्म में इन्वेस्ट करते हुए आप अपने फंड्स को थोड़े जोखिम भरी योजनाओं का भी एक्सपोज़र दे सकते हो। बीएसई सेंसेक्स की ग्रोथ आपको इस सब्जेक्ट पर कुछ इम्पोर्टेन्ट इनसाइट देगी। अब, यदि आप अपने जीवन में बाज़ार पर करीब से नज़र रखे हुए हैं तो आप शायद जानते हो कि पिछले कुछ साल में सेंसेक्स कई बार लुढ़का है। इसके बावजूद यदि आपने 1980 के दशक में बीएसई सेंसेक्स में एक लाख का निवेश किया होता तो आज इअका मूल्य चार करोड़ रूपये से ज़्यादा हो चुका होता - यह आंकड़ा आपको दिखाता है कि लॉन्ग टर्म अर्थशास्त्र शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट से बहुत अलग होता है!

नंबर 2- आपकी टैक्स बचाने की रणनीति का आपके लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट पर महत्वपूर्ण असर होगा।

दोस्तों टैक्स हमेशा तनाव की वजह होता है, यहाँ तक कि एक्सपर्ट फाइनेंशियल प्लानर के लिए भी - तो यदि आप टैक्स बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हों तो परेशान न हों। लेकिन यदि आप सोच रहे हों कि क्या टैक्स आपके लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट को उल्लेखनीय रूप से प्रभावित करेगा तो आप सही दिशा में सोच रहे हैं। अब कल्पना करें कि आपने अपेक्षाकृत कुछ स्टेबल आइडेंटीफाइ किये हैं, और आपको इस फंड पर अपनी सेवानिवृत्ति राशि बचानी है। यदि आप किसी म्यूचुअल फंड में 20 साल के अंत तक दो करोड़ की बचत कर पाते हैं तो एग्जिट करने के टाइम पर आप मौजूदा टैक्स रेजिम में करीब 20 लाख टैक्स में अदा करोगे। इतनी राशि किसी मिडल क्लास परिवार के लिए एक अच्छी कार, और दो लाख किलोमीटर से अधिक यात्रा करने के लिए आवश्यक ईंधन खरीदने के लिए काफी है। मेरे दोस्त समीर ने मुझे टैक्स की बचत के लिए कुछ इम्पोर्टेन्ट टिप्स दिए थे। सेक्शन 80सी में आपको इन्वेस्टमेंट के ज़रिये टैक्स की बचत करने के लिए कुछ बेहतरीन रणनीति देखने को मिलेगी। यदि आप उनके बारे में सुनना चाहते हैं तो, इन्वेस्टमेंट के ज़रिये टैक्स की बचत के विषय पर हमारे अन्य पॉडकास्ट को ढूंढना न भूलें।

सो इस सूचना का क्या करें? यहाँ पर आपकी टैक्स प्लानिंग रणनीति काम में आएगी। सबसे पहले, इन्टरनेट पर टैक्स बचत के सभी विकल्पों को एक्स्प्लोर करें। मिसाल के लिए, पीपीएफ, ईएलएसएस, नेशनल पेंशन स्कीम आदि। दूसरी महत्वपूर्ण बात है कि, आप इस विषय में अपने सीए से संपर्क करें - आप हो सकता है कि टैक्स प्लानिंग की ताक़त को कम कर आंक रहे हो, लेकिन लम्बी अवधि में टैक्स आपकी बचत को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है।

क्या ये बात आपको मतलब की लगती है? तो देखते हैं तीसरा पॉइंट।

नंबर 3- कम कीमत पर खरीदें और ऊंची कीमत पर बेचें - लेकिन बगैर तनाव के

दोस्तों ये रणनीति इक्विटी इंस्ट्रूमेंट के ली ज़्यादा रेलीवेंट है। मूल रूप से, ट्रेडिंग में आप कम कीमत पर खरीदकर और ऊंची कीमत पर बेचकर पैसे बनाते हैं - यदि हम बारीकियों को दरकिनार करें और ट्रेडिंग को बहुत सरल बना दें तो। लेकिन जब आप लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट करते हो, तो एक तरीका है जिससे आप लगातार निचले स्तर पर खरीद सकते हैं और अपने लिए कई प्रवेश पॉइंट तैयार कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए, एकमुश्त निवेश करने से बचें और बजाय इसके, छोटे-छोटे आकार में सिस्टमैटिक तरीके से नियमित निवेश कर सकते हैं। इस रणनीति से आप किसी ग्रोइंग फंड या स्टॉक में सिस्टमैटिक तरीके से, अलग-अलग कीमत पर बाय करोगे, और आखिरकार, लाभ जुड़ेगा और उस समय की भरपाई करेगा जब आप एकदम सटीक कीमत के स्तर पर प्रवेश नहीं कर सके थे।

नंबर 4- समय के साथ उभरे रुझान को दरकिनार न करें।

दोस्तों, लॉन्ग टर्म में निवेश कोई हाई-ग्रोथ फंड ढूँढने और बाकी जीवन भर इसमें लगातार निवेश करते रहने का खेल नहीं है। दरअसल, कई ट्रेंड आप अपने जीवन में देख-परख कर पैसे से जुड़े कुछ असरदार फैसले ले सकते हो। मसलन, जब बाकी लोगों के पास कंप्यूटर और मोबाइल फोन नहीं होते थे, तब एप्पल कंपनी की स्टॉक प्राइस निचले स्तर पर फ्लोट करती रही। लेकिन कुछ इन्वेस्टर ने एप्पल में इन्वेस्ट करने की जगह स्टीव जॉब्स की विज़नरी लीडरशिप में इन्वेस्ट करने का फैसला लिया, और वे शॉपर्ट टर्म में कीमत में उतार-चढ़ाव पर गौर किये बगैर इनवेस्टेड रहे। हमारे समय में क्रिप्टोकरेंसी हॉट मामला है, और कई लोग क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट में कूद रहे हैं - लेकिन पैसे बनाने की अन्तर्निहित प्रणाली के असली उपयोग, और भविष्य में इसकी प्रासंगिकता की समझ आपको यह बताएगी कि आज का 'हॉट' इन्वेस्टमेंट समय की धार पर खरा उतरेगा या नहीं!

तो आपको इस कहानी से क्या समझ में आया? कि लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के ली एक डायनेमिक एप्रोच लेना बहुत ज़रूरी है। कल्पना करें कि आपने किसी टेक्नोलॉजी केन्द्रित म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट किया है और भविष्य की प्रोद्योगिकी आज के टेक जायंट के बजाय दूसरी कंपनियों द्वारा बनाई जा रही है। ऐसी दुनिया में आपके निवेश का क्या होगा? पैसे से जुड़े फैसले लेते हुए इन गहरे सवालों पर विचार करें जो ज़्यादा ज़रूरी हैं बजाय अटकलबाज़ी में विशवास करने के।

नंबर 5 - बड़ी तस्वीर कभी दरकिनार न करें।

दोस्तों आपने अपने फ्रेंड्स को ये कभी न कभी मेंशन करते हुए ज़रूर सुना होगा, कि जीवन भविष्य की चिंता करने के लिए बहुत छोटा है। लेकिन हम समस्या को ऐसे नज़रिए से देखते हैं - कि आप शायद कुछ भी बचत न कर पायें, और भविष्य में बगैर तैयारी के कदम रखें। लेकिन समस्या का दूसरा पहलू है - कुछ लोग लॉन्ग टर्म इन्वेस्टिंग पर इतना फोकस करते हैं कि वे इस दौरान ज़िन्दगी जीना भूल जाते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि बगैर जीवन की छोटी-छोटी खुशियों को दांव पर लगाए आप सेवानिवृत्ति हों, या एक घर खरीदने के लिए बचत कर सकें। सही बैलेंस बनाना एक अर्थपूर्ण जीवन जीने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यदि वजह है कि कुछ लोगों के लिए संपत्ति प्रबंधन प्लान मायने रखता है, जो इस बारे में चिंता किये बगैर जीना चाहते हैं कि उनका लॉन्ग टर्म निवेश कैसा है।

जब आप लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट गोल्स तय करते हैं तो सोचिये कि आपको अपने जीवन के क्या चाहिए क्योंकि खुद को ढूँढ पाना वह सबसे बड़ी चीज़ है जो आप अपने जीवन से पा सकते हैं।

याद रखें कि आपके लॉन्ग टर्म गोल्स के लिए इन्वेस्टमेंट रणनीति सिर्फ चुनिन्दा ग्रुप का मुद्दा नहीं है, सभी को इस पर ध्यान देने की ज़रुरत है, क्योंकि सभी में इन्वेस्टर बनने की क्षमता है। इस मुक़ाम पर एंजेल ब्रोकिंग आपको आपकी यात्रा के लिए शुभकामनाएं देता है ताकि आप लॉन्ग टर्म में एक अर्थपूर्ण और फाइनेंशियली स्थिर जीवन बिता सकें। यदि आप लॉन्ग टर्म के लिए अपना फाइनेंस प्लान करना चाहते है मुफ्त समाधान के लिए www.angelbroking.com पर लॉग इन करना न भूलें!

तब तक के ली एंजेल ब्रोकिंग की ओर से गुडबाय, और हैप्पी इन्वेस्टिंग!