एक NRI होने के नाते, भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों में निवेश या व्यापार आम तौर पर काफी देखा जा सकता है और यह बहुत फायदेमंद भी साबित हो सकता है। सबसे पहली बात तो यह कि, NRI की पहचान काफी जटिल हो सकती है। FEMA दिशानिर्देशों के अनुसार, एक व्यक्ति जो एक वित्तीय वर्ष के दौरान 182 दिनों के लिए भारत में रहा है एक NRI नहीं माना जाता है। इसके अलावा, एक व्यक्ति जो पिछले 4 वर्षों में 365 दिनों से और चालू वर्ष में कम से कम 60 दिन भारत में रह रहा है, वह भी एनआरआई नहीं माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में एनआरआई ट्रेडिंग तेजी से लोकप्रिय हुआ है।

हालांकि, जब बात भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों की आती है तो निवासी भारतीयों की तुलना में NRI के लिए नियम बदल जाते हैं। NRI को आम तौर पर भारतीय बाजार में कई बाधाओं का सामना करना पड़ता है। यह लेख आपको NRI के रूप में भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर व्यापार करने के तरीके के बारे में आपको जो कुछ भी जानने की जरूरत है, वह सब बताता है।

कैसे आरंभ करें

भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर अपनी ट्रेडिंग यात्रा शुरू करने के लिए, आपको इन 4 कारकों से शुरुआत करनी होगी।

भारत में NRE या NRO बचत खाता खोलें

यह आवश्यक है कि आप भारत में एक NRE (नॉन रेसीडेंट एक्सटर्नल रूपि), NRO (नॉन रेसीडेंट आर्डिनरी रूपि), या FCNR (फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंशियल) बचत खाता खोलने के साथ शुरू करें। आम तौर पर, कई लोग NRO बचत खाते की तुलना में NRE बचत खाता खोलने के साथ शुरुआत करते हैं। सरल शब्दों में, एक NRE खाता एक रुपए वाला खाता है। इस बचत खाते से, आप अपने निवास के देश में पैसे भेज सकते हैं।

यह एक NRO खाते की बात आती है, यह याद रखना आवश्यक है कि यह गैर वापसी योग्य है । जबकि, एक FCNR खाता NRO खाते के समान ही है, सिवाय इसके कि धन विदेशी मुद्राओं में रखा जाएगा। जिस पूंजी का आप ट्रेडिंग के लिए उपयोग करने को तैयार हैं, उसे सीधे आपके बैंक खाते से डेबिट किया जा सकता है या चेक या ड्राफ्ट के माध्यम से किया जा सकता है। आपके बैंक खाते से सीधे डेबिट के मामले में, आगे कोई दस्तावेज आवश्यक नहीं है। चेक या ड्राफ्ट के मामले में, आपको FIRC (फॉरेन इनवर्ड रेमिटेंस  सर्टिफिकेट) या एक पत्र जमा करना होगा जो आम तौर पर बैंक द्वारा जारी किया जाता है जो आपके धन के स्रोत की पुष्टि करता है।

RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) से मंजूरी प्राप्त करें

एक बार जब आप भारत में अपना बचत खाता खोल लेते हैं, तो अगला कदम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से अनुमति पत्र प्राप्त करना है। अपने ट्रेडिंग और डीमैट खातों को खोलने के साथ शुरुआत करने से पहले यह किया जाना सुनिश्चित करें।

PIS पत्र प्राप्त करें

RBI से पोर्टफोलियो निवेश योजना (PIS) पत्र प्राप्त करना होगा। इसकी आम तौर पर उस बैंक द्वारा सुविधा प्रदान की जाएगी जिसमें आपका NRE/NRO/FCNR बचत खाता है।

एक डीमैट खाता और एक ट्रेडिंग खाता खोलें

अंत में, आपके लिए भारत में NRI के लिए एक डीमैट खाता और एक ट्रेडिंग खाता खोलना महत्वपूर्ण है। आप किसी भी ब्रोकरेज के साथ ऐसा कर सकते हैं जो आपकी आवश्यकताओं के अनुसार सबसे उपयोगी है। इन खातों के लिए आवेदन करते समय, आपको अपने बैंक द्वारा प्रदान किए गए PIS पत्र के साथ अपने दस्तावेज जमा करने के लिए कहा जाएगा।

जैसा कि आपके पास एक NRE और NRO दोनों खाते खोलने का विकल्प है, आपके लिए यह बताना महत्वपूर्ण है कि आपके ट्रेडिंग खाते से कौन सा बैंक खाता लिंक किया जाए। यदि आप अपने NRE खाते को अपने ट्रेडिंग खाते से जोड़ते हैं, तो आप इक्विटी सेगमेंट में ट्रेड करने के योग्य होंगे। हालांकि, अगर आप अपने NRO खाते को जोड़ते हैं, तो आप इक्विटी और डेरीवेटिव दोनों सेग्मेंट्स में ट्रेड कर सकते हैं।

एक NRI के रूप में एक ट्रेडिंग और डीमैट खाता खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज

एक NRI ट्रेडिंग खाता आवश्यक दस्तावेज एकत्र करने के साथ शुरू होता है। जब आप अपना NRI ट्रेडिंग खाता और डीमैट खाता खोलते हैं, तो आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की सूची जमा करने के लिए कहा जाएगा।

— अपने पैन(PAN)कार्ड की प्रतिलिपि

— PIS पत्र की प्रतिलिपि

— FEMA घोषणापत्र की प्रतिलिपि

— FATCA घोषणा प्रपत्र

— पासपोर्ट साइज की तस्वीर

— प्रवासी पते का प्रमाण जैसे यूटिलिटी बिल, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट इत्यादि।

— भारतीय पते का प्रमाण (यदि उपलब्ध हो)

— बैंक खाते का प्रमाण

— अपने निवास के देश में P.O.बॉक्स की घोषणा

— भारतीय पासपोर्ट के मामले में: पासपोर्ट और वीज़ा की प्रतिलिपि

— विदेशी पासपोर्ट के मामले में: पासपोर्ट की प्रतिलिपि, PIO कार्ड की प्रतिलिपि

NRIs के लिए ट्रेडिंग प्रक्रिया क्या है?

भारतीय निवासी की ट्रेडिंग प्रक्रिया की तुलना में NRI के लिए ट्रेडिंग प्रक्रिया कुछ मेट्रिक्स के आधार पर अलग-अलग होती है। यहां एक NRI के लिए ट्रेडिंग प्रक्रिया में आम तौर पर शामिल होने वाले चरण दिए गए हैं।

  1. सबसे पहले, आपको अपने NRE/NRO/FCNR बचत खाते से अपने पिस में आवश्यक धन आवंटित करना होगा।
  2. फिर, एक बार जब बैंक इन फंड्स को आपके NRI ट्रेडिंग खाते में अपडेट करता है, तो आप किसी भी स्टॉक की खरीद कर सकते हैं। स्टॉकब्रोकर बैंक को ट्रेडिंग के दिन के अंत में एक अनुबंध भेजेगा। बैंक आपके PIS खाते को आगे और भी डेबिट करेगा।
  3. यदि आप किसी स्टॉक को बेचते हैं, तो आपका ब्रोकरेज आपके बैंक को एक अनुबंध नोट भेज देगा जो शेयरों से प्राप्त मुनाफे से आपके PIS खाते को क्रेडिट कर देगा।

डेरिवेटिव पर व्यापार कैसे करें? 

फ्यूचर्स और ऑप्शंस का ट्रेड करने के लिए, आपको अपने NRO (नॉन रेसीडेंट एक्सटर्नल रूपि) खाते को अपने ट्रेडिंग खाते से लिंक करना सुनिश्चित करना होगा। NRO खाता गैर-वापसी योग्य है और आपको डेरिवेटिव पर ट्रेड करने में सक्षम बना सकता है। इसके अलावा, एक NRI के रूप में फ्यूचर्स और ऑप्शंस का ट्रेड करने के लिए, आपको एक CP (कस्टोडियल पार्टिसिपेंट) कोड प्राप्त करना होगा। स्टॉकब्रोकर्स आमतौर पर CP कोड को सुविधाजनक बनाने और निर्धारित करने के लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ साझेदारी करते हैं।

कर देनदारियां 

भारतीय स्टॉक एक्सचेंज में भारतीय निवासी और NRI के निवेश या ट्रेडिंग के बीच प्रमुख अंतर कारकों में से एक कर देयता में अंतर है। एक NRI निवेशक के लिए, कर स्रोत पर काट लिया जाता है। हालांकि, कई लोग आश्चर्य करते हैं कि क्या NRI दोहरे कराधान का अनुभव करने के लिए बाध्य हैं: पहले भारत में कर लगाया जा रहा है, इसके बाद उनके निवास देश में कर लगाया जा रहा है। यह पूरी तरह से NRI के निवास वाले देश पर निर्भर करता है। यदि भारतीय सरकार के पास NRI के निवासी देश के साथ ADTT (अवॉयडेंस ऑफ़ डबल टैक्सेशन ट्रीटी) है, तो NRI को दो बार अपने करों का भुगतान नहीं करना पड़ेगा।

निष्कर्ष

NRI की रूपांतरण दरों में बड़े अंतर का लाभ उठाने के लिए एक NRI ट्रेडिंग खाते के साथ भारतीय स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड कर सकते हैं। हालांकि, प्रक्रिया थोड़ी थकाऊ हो सकती है जिसमें काफी कुछ कागजी कार्रवाई का पूरा किया जानाशामिल होता है। समय पर और व्यवस्थित तरीके से उठाए गए कुछ क़दमों से, आप भारतीय स्टॉक एक्सचेंज में थोड़े समय के भीतर ही NRI के रूप में अपनी ट्रेडिंग यात्रा शुरू कर सकते हैं। एंजेल ब्रोकिंग आपको कम से कम कागज़ी कार्यवाही के साथ बिना किसी परेशानी के NRI ट्रेडिंग और डीमैट खाता खोलने में मदद कर सकता है।