जो लोग, (यहां तक कि मध्य और उनसे निचले स्तर के प्रबंधक भी) व्यापार शब्दावली के बारे में थोडा भी जानते हैं, उनके लिए मार्केट शेयर एक परिचित शब्द है। वह व्यापार की सफलता में मार्किट शेयर के महत्व को अच्छे से समझते हैं। लेकिन, उनमें से बहुत कम समझते हैं कि मार्किट शेयर असल में क्या है। संक्षेप में, मार्किट शेयर उद्योग की पूरी बिक्री के मुकाबले एक ख़ास तरह के उत्पाद की बिक्री का प्रतिशत है।

मार्किट शेयर एक अवधि के दौरान उद्योग की कुल बिक्री के अनुपात में उसी अवधि में एक ख़ास उत्पाद की बिक्री के रूप में परिभाषित किया गया है। यहां, कुल बिक्री मात्रा या मूल्य से मापा जा सकता है। वॉल्यूम का मतलब यूनिट शेयर है। मूल्य रेवेनुए शेयर को संदर्भित करता है।

यूनिट मार्केट शेयर = (कंपनी द्वारा बेचे गए उत्पादों की कुल संख्या / उद्योग में बेचे गए उत्पादों की कुल संख्या) x 100

रेवेनुए मार्किट शेयर = (कंपनी की कुल बिक्री का मूल्य / कुल बाजार का मूल्य) x 100

गणना प्रक्रिया

किसी भी कंपनी के मार्किट शेयर की गणना करने के सरल उपाय नीचे दिए गए हैं।

– जांच करने के लिए अवधि निर्धारित करें। यह अवधि एक राजकोषीय तिमाही, एक साल या कई साल हो सकती है।

– उस अवधि में कंपनी की कुल बिक्री की गणना करें।

– उस अवधि में कंपनी के उद्योग की कुल बिक्री की जानकारी एकत्रित करें।

– कंपनी की कुल रेवेनुए और उस दी गयी अवधि के लिए उद्योग की कुल बिक्री का अनुपात निकाल लें।

बाजार को कैसे परिभाषित करें ?

  • तुलना के लिए उपयुक्त बाजार का चयन करना, मार्किट शेयर का विश्लेषण करने का एक प्रमुख अंग है। बाजार को परिभाषित करने के कई तरीके हैं – 

1. उद्योग

2. क्षेत्रीय बाजार

3. उत्पाद श्रेणी

4. खंड

5. प्रतियोगी 

  • मार्किट शेयर में, प्रतियोगियों के मार्किट शेयर की गणना करना एक महत्वपूर्ण पैरामीटर है। उदाहरण के लिए, लक्जरी कारों का एक जर्मन निर्माता अपने बाजार को पूरे वैश्विक परिवहन उद्योग के रूप में परिभाषित कर सकता है लेकिन यह संभवतः एक सार्थक मीट्रिक उत्पन्न करने के लिए बहुत व्यापक है। बल्कि, वे अपनी बिक्री की तुलना अपने चार सबसे बड़े  प्रतियोगियों  से कर सकते हैं या अपने बाजार को “लक्जरी कारों के लिए यूरोपीय मार्किट” के रूप में परिभाषित कर सकते हैं।

तथ्य और कारण 

– विविध उत्पादों (जो एक फर्म बेचती है) की उसी प्रकार के उत्पादों की संख्या से तुलना करें (जो अन्य कंपनियां बेचती हैं)।

– मार्किट शेयर बढ़ाना हमेशा वांछनीय नहीं है। यदि किसी कंपनी का उत्पादन अपनी अधिकतम क्षमता के करीब है, तो क्षमता से अधिक उत्पादन करने की योजना मात्र बढाया जाने वाला निवेश हो सकती है। यदि अतिरिक्त क्षमता पूरी तरह से उपयोग नहीं की जाती है, तो लागत अपेक्षाकृत अधिक होगी।

– इसके अलावा, प्रचार गतिविधियाँ और विज्ञापन व्यय भी कंपनी के मुनाफे को प्रभावित करतें हैं।

– शेयर हासिल करने के लिए, प्रतिद्वंदी कंपनियों और प्रतियोगियों में एक मूल्य युद्ध के प्रयास शुरू हो जाते हैं।

– यह देखने के लिए कि कंपनी अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले कितना अच्छा कर रही है; कई अवधियों में मार्किट शेयर का विश्लेषण और सूक्षमता से परिक्षण करना चाहिए  

अंत में

मार्केट शेयर कोई आखिरी बिंदु नहीं है जो वह कुछ बताता है जिसका हर एक निवेशक को पता होना चाहिए, यह सिर्फ एक आंतरिक पूर्ण विचार देता है जिससे एक फर्म का उत्पाद या तो बेहतर प्रदर्शन करता है या अन्य उत्पादों से प्रतिस्पर्धा करने में विफल रहता है। मार्किट शेयर को प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए, आपको अपने अनुमान लिखकर उनकी उन्ही से मिलते जुलते अनुभवों से तुलना करनी चाहिए। मार्किट रिसर्च की रिपोर्टों से हमेशा ही सावधान रहें, क्योंकि इनमे स्पष्टीकरण की कमी होती है कि बाजार की गणना कैसे की गई थी। फर्म में निवेश करने से पहले मार्केट शेयर के तथ्यों की जांच अवश्य करें।