निवेश करने से पहले, किसी कंपनी का मूलभूत विश्लेषण निवेशकों के लिए कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन का अंदाज़ा लगाने का एक बढ़िया तरीका है। यह किसी कंपनी की संपूर्ण मूलभूत शक्ति का निर्धारण करने के लिए कई फ़ोर्मुलो, अनुपातों और गणनाओं का इस्तेमाल करता है। मूलभूत विश्लेषण की बात आने पर निवेशकों द्वारा उपयोग की जाने वाली विभिन्न तकनीकों में,  नकदी के अनुपात एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नकदी के अनुपात जैसे की वर्तमान अनुपात और त्वरित अनुपात, यह निर्धारित करने में आपकी मदद करते हैं कि ऋण देय होने पर क्या कंपनी अपने ऋण दायित्वों को पूरा करने में सक्षम है या नहीं। एक मज़बूत नकदी के अनुपात वाली कंपनी निवेशकों द्वारा हमेशा पसंद की जाती है, क्योंकि यह इकाई की वित्तीय शक्ति का प्रदर्शन करते हैं। आइए इन दो अनुपातों को अच्छे से समझतें है, इनकी गणना करने के लिए कौन से फ़ॉर्मूले उपयोग किये जाते हैं और जानतें हैं वर्तमान अनुपात और त्वरित अनुपात के बीच का क्या अंतर है।

वर्तमान अनुपात क्या है?

वर्तमान अनुपात एक नकदी का अनुपात है जिसका इस्तेमाल निवेशकों द्वारा यह निर्धारित करने के लिए किया जाता है कि, क्या कोई कंपनी अपने मौज़ूदा एसेट्स का उपयोग करके अपनी सभी मौज़ूदा देनदारियों का भुगतान करने में सक्षम है या नहीं । एक वर्ष के भीतर देय, कंपनी के सभी अल्पकालिक ऋण ‘मौज़ूदा देनदारियों’ में शामिल किए जाते हैं। इसी तरह, कंपनी की सभी अल्पकालिक एसेट्स जिन्हें आसानी से एक वर्ष के भीतर नकदी में परिवर्तित किया जा सकता है, उन्हें ‘करंट एसेट्स’ में शामिल किया जाता है।

अब जब आप जान चुकें  हैं कि वर्तमान अनुपात क्या है, तो इस अनुपात को निर्धारित करने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले फ़ॉर्मूले पर नज़र डालतें हैं।

वर्तमान अनुपात = मौज़ूदा एसेट्स  ÷ मौज़ूदा देनदारियां

आदर्श रूप से, किसी कंपनी का वर्तमान अनुपात 1 से अधिक होना चाहिए। अगर यह 1 से कम है तो इसका मतलब  होगा कि अगर देनदारी का समय आ गया तो कंपनी के पास अपनी सभी देनदारियों का भुगतान करने के लिए आवश्यक एसेट्स का अभाव है।

त्वरित अनुपात क्या है?

दूसरी ओर, त्वरित अनुपात एक अन्य नकदी का अनुपात है, जो आम तौर पर निवेशकों द्वारा यह जानने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, कि कंपनी अपनी मौज़ूदा एसेट्स का उपयोग करके अपनी सभी मौज़ूदा देनदारियों का भुगतान करने में कितनी सक्षम है। हालांकि यह वर्तमान अनुपात के समान लग सकता है, लेकिन त्वरित अनुपात गणना करने का एक बेहतर तरीका है क्योंकि यह केवल उन मौज़ूदा एसेट्स को इस्तेमाल करता है जिन्हें 90 दिनों से कम समय में नकदी में परिवर्तित किया जा सकता है। त्वरित अनुपात को एसिड-टेस्ट अनुपात के रूप में भी जाना जाता है।

आइए अब उस फ़ॉर्मूले को देखें जिसका इस्तेमाल त्वरित अनुपात को निर्धारित करने के लिए किया जाता है।

त्वरित अनुपात = (नकदी  +  नकदी समान +  वर्तमान प्राप्य राशियां +  अल्पकालिक निवेश) ÷ मौज़ूदा देनदारियां

अच्छा तब होगा, जब किसी कंपनी का त्वरित अनुपात भी 1 से अधिक हो। असल में 1 से कम के अनुपात का मतलब है कि यदि सभी देनदारियों का देय समय एक ही है तो कंपनी अपनी देनदारियों को पूरा करने में सक्षम नहीं है।

अब जब आप इन दोनों अनुपातों को समझ चुकें हैं, तो शायद आपके मन में यह सवाल होगा कि ‘त्वरित अनुपात और वर्तमान अनुपात के बीच क्या अंतर है?’  इसका जवाब यहां है।

त्वरित अनुपात और वर्तमान अनुपात के बीच क्या अंतर है?

वर्तमान अनुपात बनाम त्वरित अनुपात के बीच की बहस के मामले में, नीचे कुछ महत्वपूर्ण अंतर सूचीबद्ध किये गयें हैं, जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए।

वर्तमान अनुपात त्वरित अनुपात
वर्तमान अनुपात किसी कंपनी के ऋण चुकाने की क्षमता को निर्धारित करने के लिए एक सरल और आसान दृष्टिकोण है। त्वरित अनुपात एक अधिक कठोर और बेहतर दृष्टिकोण है जिसका इस्तेमाल कंपनी की ऋण चुकाने की क्षमता निर्धारित करने के लिए किया जाता है।
इस अनुपात का इस्तेमाल किसी कंपनी की मौज़ूदा देनदारियों के मुक़ाबले, उसके मौज़ूदा एसेट्स की तुलना करने के लिए किया जाता है। इस अनुपात का इस्तेमाल किसी कंपनी की मौज़ूदा देनदारियों के मुक़ाबले उसकी अत्यधिक नकद-सुलभ एसेट्स की तुलना करने के लिए किया जाता  है।
इस अनुपात में कंपनी के सभी मौज़ूदा एसेट्स शामिल हैं। इस अनुपात में कंपनी के केवल  ऐसे  मौज़ूदा एसेट्स शामिल हैं, जिन्हें 90 दिनों से कम समय में नकदी में परिवर्तित किया जा सकता है।
वर्तमान अनुपात में किसी कंपनी का इन्वेंटरी स्टॉक भी शामिल है। त्वरित अनुपात में किसी कंपनी की इन्वेन्ट्रीज़ शामिल नहीं होती है।
हालांकि 1 से अधिक कुछ भी अच्छा है, 2:1 का वर्तमान अनुपात बेहतर होता है। 1:1 का त्वरित अनुपात बेहतर माना जाता है।
वर्तमान अनुपात उन कंपनियों के लिए स्वाभाविक रूप से उच्च होने की संभावना है जिनके पास इन्वेंटरी का एक मजबूत स्टॉक है। त्वरित अनुपात उन कंपनियों के लिए स्वाभाविक रूप से कम होने की संभावना है जिनके पास इन्वेंटरी का एक मजबूत स्टॉक है।

निष्कर्ष

हो सकता है कि ये दोनों अनुपात पहली नज़र में एक जैसे लगें, लेकिन वर्तमान अनुपात और त्वरित अनुपात के बीच स्पष्ट और काफी सारे अंतर हैं। कहने का मतलब यह है कि, वर्तमान अनुपात बनाम त्वरित अनुपात की दुविधा में फंसने के बजाय, एक निवेशक के रूप में, किसी कंपनी के नकदी के स्तर को निर्धारित करने के लिए इन दोनों अनुपातों को एक साथ जोड़कर इस्तेमाल करना बेहतर आईडिया होगा।