आपको अवगत होना चाहिए कि निर्यात और आयात व्यवसायों में विदेशी मुद्राओं का आदान-प्रदान शामिल है, जैसे कि भारतीय रुपए को अमेरिकी डॉलर में परिवर्तित करने में होता है। तो, यह कैसे होता है? और, क्या आप, एक आम कारोबारी मुद्राओं में कारोबार कर सकते हैं जैसे आप शेयरों में कारोबार करते हैं और लाभ मार्जिन बढ़ाते हैं? यह आलेख आपके प्रश्नों के उत्तर प्रदान करेगा।

लेकिन इससे पहले कि हम इस बारे में चर्चा शुरू करें कि USD INR में कारोबार कैसे करें, आइए विदेशी मुद्रा बाजार को और यह कैसे अलग, इसे समझें।

विदेशी मुद्रा बाजार शेयर बाजार की तरह नहीं है। यह दुनिया भर में विभिन्न कारोबारी स्थलों के साथ अंतरराष्ट्रीय है जो आपको न केवल अमरीकी डालर में बल्कि EUR INR, JPY INR या GBP INR मुद्रा जोड़ों में भी कारोबार करने की अनुमति देता है। एक भारतीय कारोबारी के रूप में, आप कारोबार के लिए इनमें से किसी भी मुद्रा जोड़े का चयन कर सकते हैं।इन मुद्राओं को भारतीय रुपए की तुलना में बेंचमार्क किया गया है। EUR यूरो के लिए, JPY  जापानी येन के लिए और GBP ग्रेट ब्रिटेन पाउंड के लिए प्रयोग किया जाता है। आप बीएसई, एनएसई या एमसीएक्स-एसएक्स जैसे एक्सचेंजों पर कारोबार कर सकते हैं। USD INR  जोड़ी मुद्रा कारोबार में सबसे लोकप्रिय जोड़ियों में से एक है।

इससे पहले कि आप सब कुछ सीखें आपको याद रखना होगा कि मुद्रा कारोबार जोड़े में किया जाता है। एक भारतीय कारोबारी के रूप में, आप USD INR कारोबार, EUR INR, JPY INR या GBP INR ले सकते हैं।

प्रत्येक जोड़ी में दो मुद्राएं होती हैं। एक आधार मुद्रा है, जो एक इकाई है और दूसरी उद्धरण मुद्रा है। आधार/कोटेशन उद्धरण मुद्रा का मूल्य है, यानी, USD INR ट्रेडिंग के मामले में, USD आधार है जबकि INR उद्धरण है और एक USD का मूल्य 75.76 INR है।

तो यदि आप एक कारोबारी हैं और आप एक USD INR खरीद रहे हैं, तो आप उम्मीद कर रहे हैं कि जोड़ी का मूल्य बढ़ेगा। जब हम मुद्रा जोड़ी की कीमत का उल्लेख करते हैं, तो यह समावेशी है तथा बिड व आस्क प्राइस है; यही वह कीमत है जिस पर आप जोड़ी खरीद और बेच सकते हैं।

मुद्रा जोड़ी की कीमतों को क्या प्रभावित करता है?

आमतौर पर, कोई भी महत्वपूर्ण आर्थिक घटनाएं। और, क्योंकि दो मुद्राएं, INR और USD शामिल हैं, दोनों ही ओर कोई भी प्रमुख घटना कीमतों में संचलनों का कारण बनेंगी।

मुद्रा कारोबार के संबंध में आप एक और शब्द के संपर्क में आएंगे वह है ‘पिप(PIP)’ है। इसका क्या मतलब है? यह विदेशी मुद्रा कारोबार में बहुत बुनियादी इकाई है। जब रिजर्व बैंक द्वारा संदर्भ दरें बताई जाती हैं, तो बोली चौथे दशमलव बिंदु तक होती है। इस चौथे बिंदु पर एक सबसे छोटा अंतर भी विदेशी भंडार में एक बड़ा अंतर बना सकता है। दुनिया भर में, मुद्रा को चौथे दशमलव बिंदु तक कोट किया गया है। इसे पिप(PIP) या प्रतिशत में पाइंट कहा जाता है और USD INR के लिए 0.0025 पर तय किया जाता है। इसे टिक आकार (tick size)भी कहा जाता है। लॉट साइज आमतौर पर 1,000 USD के लिए तय किया जाता है। तो, आप USD INR (लॉट साइज x पिप) में 2.5 रुपये प्रति पिप बना सकते हैं।

डेरीवेटिव बाजार में USD INR ट्रेडिंग 

डेरिवेटिव बाजार में USD INR विकल्पों में कारोबार कैसे करें?

आप कॉल तथा पुट विकल्प का जोड़ी में कारोबार कर सकते हैं। वहाँ डॉलर की कोई डिलीवरी नहीं होती है, और अंतर विनिमय INR में होता है। कारोबार की प्रकृति यूरोपीय शैली की होती है। विकल्प का प्रयोग महीने की समाप्ति या स्क्वायर ऑफ पर किया जा सकता है। यदि समापन पर या उससे पहले डॉलर रुपए के खिलाफ शक्ति प्राप्त कर लेता है, तो कॉल विकल्प का खरीददार लाभ प्राप्त करता है। पुट विकल्प के खरीदार को डॉलर के कमजोर होने पर लाभ प्राप्त होता है और डॉलर के मजबूत होने पर हानि होती है।

तो, एक फ्यूचर्स अनुबंध में USD INR कारोबार के बारे में क्या? फ्यूचर्स अनुबंध में USD INR आपको भविष्य में एक तारीख पर डिलीवरी के लिए एक पूर्व निर्धारित मूल्य पर डॉलर बेचने व खरीदने की सुविधा देता है। फ्यूचर्स का निपटान INR नकदी में किया जाता है।

सभी विदेशी मुद्रा कारोबारों में कुछ रणनीतियां या विश्लेषण होते हैं जिनका उपयोग कारोबारी यह तय करने के लिए करते हैं कि क्या मुद्रा जोड़ी को खरीदना है या बेचना। आमतौर पर, ये कारोबारी रणनीतियां अन्य के बीच, दुनिया की घटनाओं, तकनीकी विश्लेषण, और ऐतिहासिक प्रवृत्तियों पर आधारित हैं, दूसरों के बीच।

ट्रेडिंग रणनीतियां

कारोबारियों द्वारा उपयोग की जाने वाली लोकप्रिय रणनीतियों में से एक मूल्य कार्रवाई रणनीति है और मूल्य कार्रवाई के बुल्स/बियर पर निर्भर करता है।

फिर, वहाँ प्रवृत्ति कारोबार है, यानी, जब कारोबारी प्रवृत्ति विश्लेषण पर निर्भर करते हैं, जिसमें मुद्रा मूल्य संचलन एक प्रवेश बिंदु पर निर्णय लेने की पहचान है।

काउंटर-ट्रेंड ट्रेडिंग भी हैं, जहां ट्रेडर्स प्रवृत्ति के खिलाफ जाते हैं, रेंज ट्रेडिंग जहां ट्रेडिंग के लिए एक विशेष मुद्रा मूल्य सीमा का उपयोग किया जाता है, ब्रेकआउट ट्रेडिंग जहां कारोबारियों को बाजार में प्रवेश उस बिंदु पर होता है जब यह कारोबार की एक पूर्व सीमा को तोड़ रहा हो। स्थिति कारोबार चार्ट विश्लेषण का उपयोग करता है और इसके लिए कारोबारी को गहरे ज्ञान और विशेषज्ञता की जरूरत है। कैरी कारोबार में मुद्रा की बिक्री शामिल है जिसमें ब्याज की दर उच्च होती है और मुद्रा खरीदना जिसमें ब्याज की दर कम होती है।

प्रारंभ में एक नए निवेशक को यह सब कुछ अतितीव्र(समझने में थोड़ा कठिन) लग सकता है। जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, विदेशी मुद्रा कारोबार को कुछ कौशल और बाजार के ज्ञान की आवश्यकता होगी, साथ ही विश्व की घटनाओं की समझ जो विदेशी मुद्रा की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं, आत्मविश्वास के साथ कारोबार करने में सक्षम हो सकती हैं।