वित्तीय बाजारों में व्यापार से संबंधित कई ऐसे शब्द हैं जिनके बारे में निवेशकों को पता होना चाहिए। हालांकि  निश्चित रूप से आप जो एसेट्स खरीद या बेच रहे हैं, उनके साथ जुड़े हर विस्तार को जाने बिना भी व्यापार कर सकते हैं, पर वास्तव में बाजार से संबंधित आवश्यक शब्दावली के बारे में न जानना एक बढ़िया विचार नहीं है। महत्वपूर्ण अवधारणाओं में से जिन्हें आपको जानना चाहिए, टिक साइज़ कुछ ऐसा है जिसे अक्सर अनदेखा किया जाता है।

टिक साइज़ के अर्थ को समझना और कुछ टिक साइज़ के उदाहरणों को देखकर यह जानना कि यह क्या है, आपको बेहतर निवेश विकल्प चुनने में मदद कर सकता है। तो, अब और किसी झमेले के बिना देखते हैं कि टिक साइज़ आखिर है क्या?

टिक साइज़ क्या है?

व्यापक मायने में, टिक साइज़ किसी एसेट की कीमत में संभव उत्तार-चढ़ाव की सबसे छोटी राशि है। टिक साइज़ या टिक की कीमत एक निश्चित धनराशि है। और यह एक तरह के एसेट से, दूसरे में भिन्न होता है। टिक साइज़ को ट्रेडिंग एसेट की कीमतों में न्यूनतम उत्तार-चढ़ाव के रूप में भी परिभाषित किया जा सकता है। एक्सचेंज में कीमत उपर या नीचे जा सकती है, लेकिन यह हमेशा टिक साइज़ के गुणकों में चलती हैं।

टिक साइज़ की उत्पत्ति

इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग के आने से पहले, जब स्टॉक्स की ट्रेडिंग NYSE के अंदर की जाती थी, ट्रेडर्स व्यक्तिगत रूप से स्टॉक खरीदते या बेचते थे। उस समय में, स्टॉक्स  की कीमतों में एक डॉलर के 1/8 या 1/16 के मूल्य के हिसाब से से उत्तार चढ़ाव होता था। इसका मतलब है कि वे प्रति शेयर क्रमशः $0.125 या $0.0625 द्वारा उपर या नीचे ले जाते थे। जबकि अब,  शेयर की कीमतों में कुछ सेंट का भी उत्तार चढ़ाव हो सकता है। 

लेकिन पहले, ट्रेडर्स स्टॉक की कीमतों में मामूली फ़र्क से लाभ बनाने की कोशिश करते थे। यह जानने के बाद कि सबसे छोटी राशि क्या है, जिससे एक स्टॉक उपर-नीचे हो सकता था, ट्रेडर्स कोशिश करते थे कीमतों में परिवर्तन के बीच कालाबाज़ारी कर सकते थे। इसलिए, टिक साइज़ एक अवधारणा है जो बहुत पुरानी है, और लम्बे समय से स्टॉक एक्सचेंजों और अन्य एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग करने वाले लोग इससे लाभ लेने की कोशिश करते है क्योंकि एसेट्स की कीमतें टिक साइज़ के हिसाब से चलती हैं ।

टिक साइज़ क्यों मायने रखता है?

टिक साइज़ एक सार्वभौमिक अवधारणा है जो सभी एसेट्स पर लागू होती है – स्टॉक, विकल्प, फ्यूचर्स वगैरह। मान लीजिये, आप फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स में ट्रेडिंग कर रहे हैं और आपको टिक साइज़ पता नहीं है, तो आप अनजाने में ऐसी ट्रेडिंग पोजीशन ले सकते हैं जो या तो बहुत अधिक है या आपके ट्रेडिंग ऑब्जेक्टिव से बहुत कम है। ऐसा इसलिए है क्योंकि, प्रत्येक फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट की कीमत दूसरे फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स के संबंध में एक अलग राशि पर उपर-नीचे होती है। 

उदाहरण के लिए, एक विशिष्ट ट्रेडिंग अवधि के दौरान, एक फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट 200 टिक तक उपर-नीचे हो सकता है, जबकि दूसरा 50 टिक से आगे बढ़ सकता है। मान लीजिये ये दोनों फ्यूचर्स क्रमशः 40 और 42 रुपयेपर ट्रेड कर रहे हैं। । टिक साइज़ जाने बिना, आप सोच सकते हैं कि समान मूल्यों पर ट्रेड करने वाली इन दोनों एसेट्स का , उत्तार-चढ़ाव समान होगा , लेकिन जब आप टिक साइज़ के बारे में जानते हैं, तो आप देखेंगे कि एक एसेट दूसरे की तुलना में अधिक उपर-नीचे होती है। यह कारक आपके ट्रेडिंग निर्णयों को लेने के तरीके को प्रभावित करता है।

टिक साइज़ उदाहरण

इस अवधारणा के व्यावहारिक प्रभाव को समझने के लिए, एक टिक साइज़ का उदाहरण आपकी बहुत मदद कर सकता है। मान लीजिये कि किसी स्टॉक में 0.10 रुपये का टिक साइज़ होता है, और इसका पिछला ट्रेड 100 रुपये में किया गया था। तो इस आधार पर, स्टॉक के लिए आदर्श बोली मूल्य 99.90 रुपये, 99.80 रुपये, 99.70 रुपये या ऐसा ही कुछ हो सकता हैं। 99.84 रुपये का बोली मूल्य असंगत और अमान्य होगा, क्योंकि यह उस स्टॉक के टिक साइज़ को पूरा नहीं करता है। 

इसी तरह, प्रस्ताव की कीमतें भी टिक साइज़ से निर्धारित की जाएंगी। ये मूल्य 100.10 रुपये, 100.20 रुपये, 100.30 रुपये और इसी तरह होंगे। यदि किसी विशेष स्तर पर कोई बोलियां नहीं हैं, तो जब आप टिक साइज़ से आगे बढ़ते हैं तो अगले बिंदु पर आने वाली कीमत पर विचार किया जाएगा। उदाहरण के लिए, अगर 99.90 रुपये में कोई बोलियां नहीं हैं, तो 99.80 रुपये की अगली बोली के मूल्य को सबसे अच्छा  बोली मूल्य माना जायेगा। यह प्रस्ताव मूल्य के लिए भी सच है।

निष्कर्ष

इसलिए, आप इस टिक साइज़ उदाहरण से समझ सकते हैं कि टिक का मूल्य आपको एक्सचेंज में सही बोली लगाने या ऑफ़र करने में मदद कर सकता है। यही कारण है कि इस मीट्रिक पर नजर रखना महत्वपूर्ण है। अन्यथा, आप गलत बोलियां या ऑफ़र लगा सकते हैं, और इसके खराब ट्रेडिंग परिणाम हो सकते हैं। इसलिए, अगली बार जब आप एक्सचेंज पर या अन्य किसी भी एसेट का ट्रेड करते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपने अपना ट्रेडिंग निर्णय लेने से पहले टिक साइज़ देख लिया है ।