ट्रेडिंग एक जटिल घटना है। वास्तव में अच्छे तरीके से व्यापार करने के लिए कई साल लग सकते हैं। यहाँ तक की विशेषज्ञों को भी उन दिनों से गुजरना पड़ता है जब वे क्या उम्मीद करते हैं और वे वास्तव में क्या हासिल करते या खो देते हैं  यह पूरी तरह से विपरीत हैं। इसका कारण यह है कि बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता हैं, मनुष्यों के नियंत्रण से परे कई कारक ऐसे होते है जो कि परिसंपत्तियों  की कीमतों को प्रभावित करते हैं। यह परिघटना गिरावट की अवधारणा में उत्कृष्ट रूप से परिलक्षित होती है। क्या आप यह सोच रहे है कि वह क्या है? खैर, यह ब्लॉग आपको यह जानने में मदद करेगा कि गिरावट क्या होती है और यह आपको वह सब कुछ बताएगा जो आपको एक वित्तीय बाजार में आमतौर पर प्रयोग की जाने वाली अवधारणा के बारे में जानना जरूरी होता है। 

गिरावट क्या होती है?

तो, आइए इसकी मूल बातों से शुरूआत करते हैं और गिरावट के अर्थ को समझने का प्रयास करते हैं। तकनीकी शब्दों में, गिरावट एक अपेक्षित मूल्य, जिस पर एक व्यापार शुरू होता है, और वास्तविक मूल्य,जिस पर वास्तव में व्यापार किया जाता है, के बीच अंतर को संदर्भित करता है। सरल शब्दों में, यह तब होता है जब आप एक्सचेंज पर रखे ऑर्डर को उस कीमत पर निष्पादित करते हैं जो आपके  द्वारा अनुरोध की गई कीमत से भिन्न होता है।

अब,माना कि आपने एक्सचेंज पर एक कंपनी के 10 शेयरों को 104 रुपये में खरीदने का अनुरोध किया है। गिरावट की अवधारणा के कारण, ऑर्डर को 102 रुपये प्रति शेयर पर निष्पादित किया गया था। यह की गई कार्यवाही में गिरावट है। और कभी कभी, इस तरह के मामले में, यह आपके पक्ष में हो सकता है, क्योंकि आपको कम कीमत पर परिसंपत्ति खरीदने के लिए मिलती है। लेकिन अन्य समय में, गिरावट भी आपके खिलाफ काम कर आपको प्रतिकूल परिणाम दे सकता है।

गिरावट आमतौर पर शेयर बाजारों में और विदेशी मुद्रा बाजारों में होती है। लेकिन अनुरोधित कीमत और निष्पादित कीमत के बीच अंतर के पीछे क्या कारण है। आइए पता लगाते हैं।

गिरावट क्यों होती है?

अब आप गिरावट का अर्थ जानते हैं। लेकिन ऐसा क्यों होता है? पहली नज़र में, ऐसा प्रतीत हो सकता है कि गिरावट सिर्फ एक त्रुटि है। लेकिन निश्चित रूप से ऐसा नहीं है। गिरावट उन बाजारों में होती है जो बेहद अस्थिर होते हैं। इसका मतलब यह है कि परिसंपत्ति,जिसका कारोबार किया जा रहा है, की कीमतें इतनी बार उतार चढ़ाव कर रही हैं कि इसके लिए यह संभव नहीं है कि इसे एक विशिष्ट मूल्य पर व्यापार करने का अनुरोध किया जा सके और इसे उसी बिंदु पर ही निष्पादित किया जाता है। कीमत परिवर्तन अस्थिर बाजारों में इतनी तेज़ी से हो सकते हैं कि आपके ऑर्डर देने के समय में, कीमतें कुछ बिंदुओं से ऊपर या नीचे जा सकती है। यह वास्तव में एक अलग कीमत पर निष्पादित होने वाले ऑर्डर की ओर जाता है जिसकी आपको उम्मीद थी। 

गिरावट बाजार में कम तरलता के समय भी हो सकती है। इसका अर्थ यह है कि बाजार में भाग लेने वाले बहुत कम प्रतिभागी हैं। इसलिए, एक ऐसा खरीदार ढूँढना मुश्किल हो सकता है जो शेयरों या परिसंपत्तियों को आपसे उन कीमतों पर खरीदने के लिए तैयार हो, जिस पर आप उन्हें बेचना चाहते हैं। इसी तरह, उस विक्रेता को ढूँढना भी कठिन हो सकता है जो उस परिसंपत्ति, जिसे आप चाहते हैं,को बोली की कीमतों पर बेचने के इच्छुक है।  

गिरावट के उदाहरण

गिरावट सकारात्मक या नकारात्मक हो सकती है, जैसा कि हमने पहले संक्षेप में चर्चा की थी। आइए कुछ गिरावटों के यह देखने के लिए उदाहरण लेते हैं कि यह व्यावहारिक रूप से भूमिका में कैसे आता है।

सकारात्मक गिरावट 

मान लें कि आप मौजूदा बाजार दर पर यूएसडी/आईएनआर जोड़ी खरीदना चाहते हैं, जिसे हम मान लेते हैं कि यह 70.20 रुपये है। आप ऑर्डर भरते हैं और फिर पाते हैं कि सबसे अच्छी उपलब्ध बोली कीमत 70.10 रुपये है। फिर आपका ऑर्डर इस कम कीमत पर निष्पादित किया जाता है, यह इसे एक सकारात्मक गिरावट बना रही है क्योंकि आपको उम्मीद से बहुत कम पर परिसंपत्ति खरीदने को मिलती  है।

नकारात्मक गिरावट

इसके विपरीत, माना कि आप मौजूदा बाजार दर पर यूएसडी/आईएनआर  जोड़ी खरीदना चाहते हैं, जिसे हम फिर से मान लेंगे कि यह 70.20 रुपये है। आप ऑर्डर भरते हैं और फिर पाते हैं कि सबसे अच्छा उपलब्ध बोली मूल्य 70.40 रुपये का है। फिर आपका ऑर्डर इस उच्च कीमत पर निष्पादित किया जाता है, यह इसे एक नकारात्मक गिरावट बना रही है क्योंकि आपको उम्मीद से बहुत ज्यादा पर परिसंपत्ति खरीदने के लिए मिलती है।

निष्कर्ष

गिरावट किसी भी समय हो सकती है, यह अस्थिर बाजारों या कम तरलता वाले बाजारों में सबसे आम है। इसलिए, यदि आप गिरावट के प्रभाव से बचना चाहते हैं, तो कुछ सावधानियों का पालन करना आपके लिए सबसे अच्छा होगा। शुरुआतकर्ताओं के लिए, बेहद अस्थिर बाजारों से दूर रहना अच्छा विकल्प है। इसके अलावा, जब कोई प्रमुख आर्थिक घटना घटित हो रही हो तो व्यापार करने से बचने की कोशिश कीजिए, क्योंकि ये घटनाएँ परिसंपत्तियों की कीमतों को शीघ्रता से प्रभावित कर सकती हैं। अपने लेनदेन में गिरावट को कम करने का एक और तरीका मार्केट ऑर्डर के बजाय सीमित ऑर्डरों का उपयोग करना है, इसलिए आपका ऑर्डर केवल अनुरोधित कीमत या बेहतर कीमत पर लिया जाएगा। इस प्रकार, आप अपने व्यापार को प्रभावित करने वाली नकारात्मक गिरावट की संभावना को हटा सकते हैं।