शेयर ट्रेडिंग इंटरनेट की शुरूआत के बाद से ऑनलाइन किया जाता था। इससे पहले, यह दलालों के माध्यम से किया जाता था जो आपकी ओर से खरीद/बेचने के आदेश देते थे। ऑनलाइन ट्रेडिंग खाता ब्रोकर के साथ आयोजित किसी ट्रेडिंग की तुलना में ट्रेडिंग को सरल करता है। दलालों के साथ आयोजित पारंपरिक ट्रेडिंग खाते पर एंजेल ब्रोकिंग से ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट एंजेल आई रखने के बहुत से लाभ हैं।

ऑनलाइन ट्रेडिंग और ऑफलाइन ट्रेडिंग के बीच अंतर को उजागर करने वाले कुछ बिंदु नीचे दिए गए हैं:

– ट्रेडिंग

– सुविधा

– धोखाधड़ी

– विशेषज्ञता और ज्ञान

– ट्रेडिंग: ऑनलाइन ट्रेडिंग और ऑफलाइन ट्रेडिंग खातों के बीच अंतर

ऑनलाइन विरुद्ध ऑफ़लाइन ट्रेडिंग किसी ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग खाते के साथ, उपयोगकर्ता अपने स्वयं के आदेश स्थापित कर सकते हैं। दूसरी ओर, ऑफ़लाइन खाते का मतलब है कि उपयोगकर्ता को ऑर्डर देने के लिए ब्रोकर की सेवाओं का लाभ उठाने की जरूरत होती है। ऑफ़लाइन ट्रेडिंग में विशेष रूप से दलालों को निर्देश दिए जाते हैं, जो ब्रोकिंग एजेंसी पर निर्भरता बनाते हैं। लेकिन जब आप ऑनलाइन खाते के माध्यम से ट्रेडिंग करना चुनते हैं तो ऐसी निर्भरता बिलकुल न के बराबर होती है।

  • सुविधा: ऑनलाइन विरुद्ध ऑफ़लाइन ट्रेडिंग

कोई ऑनलाइन स्टॉक ट्रेडिंग खाता उन उपयोगकर्ताओं के लिए एक अच्छा विकल्प है जिनके पास इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध है और अपने घरों या कार्यालयों में सुविधा और आसानी से अपने आदेशों को ट्रैक करते हैं। यदि उपयोगकर्ता स्टॉक ब्रोकिंग साइटों तक पहुंचने में समर्थ नहीं हैं या इंटरनेट कनेक्शन तक उसकी पहुंच नहीं है, तो अपने दलालों के साथ फोन पर ऑर्डर देना उसके लिए अधिक उचित है। और यही ऑनलाइन विरुद्ध ऑफ़लाइन ट्रेडिंग का सबसे बड़ा अंतर है।

  • धोखाधड़ी: ऑनलाइन विरुद्ध ऑफ़लाइन ट्रेडिंग

क्योंकि ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में उपयोगकर्ताओं को लेनदेन पर पूरा नियंत्रण दिया जाता है, इसलिए संभावित धोखाधड़ी का जोखिम नहीं रहता है। लेकिन कुछ ऐसे उदाहरण भीं हैं जब दलाल अनुमति प्राप्त किए बिना ही अपने ग्राहकों की ओर से ट्रेडों को निष्पादित करते हैं, जिससे ऑफ़लाइन ट्रेडिंग चुनने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए यह महत्वपूर्ण नुकसान हो सकता है। इसलिए ऑफ़लाइन ट्रेडिंग और ऑनलाइन ट्रेडिंग के बीच अंतर को जानकर ही ट्रेडिंग करना अधिक उचित है।

  • विशेषज्ञता और ज्ञान: ऑनलाइन विरुद्ध ऑफ़लाइन ट्रेडिंग

जब उपयोगकर्ता अपने ऑनलाइन स्टॉक ट्रेडिंग खाते का चयन करते हैं, और वे इसे लंबे समय तक चला सकते हैं। इस बारे में अधिक समझने और उचित जांच-पड़ताल करने के बिना, कि शेयर बाजार कैसे काम करता है, वे शेयरों को खरीद या बेंच सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। लेकिन यह ऑफ़लाइन ट्रेडिंग में पूरी तरह से टालने योग्य है क्योंकि दलालों को कई वर्षों का काम करने का अनुभव और ज्ञान है, जो उपयोगकर्ताओं के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है क्योंकि वे ब्रोकिंग सेवा प्रदाताओं के द्वारा सटीक मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं। सौभाग्य से, ऑनलाइन ट्रेडिंग सेवाओं की पेशकश करने वाली अधिकांश एजेंसियां भी सही निवेश निर्णय लेने के लिए गहरी समझ हासिल करने और  खाता-धारकों की सहायता करने के लिए अनुसंधान रिपोर्ट और अन्य तकनीकी एवं मौलिक विश्लेषणों तक आपको पहुंच प्रदान करती हैं। अतः ऑनलाइन ट्रेडिंग और ऑफलाइन ट्रेडिंग के बीच अंतर को अच्छी तरह समझकर किसी जोखिम के बिना ट्रेडिंग की जा सकती है।