वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए कर बचत विकल्प

आयकर अधिनियम कई कटौती प्रदान करता है जो किसी के कर खर्च को कम करने में मदद कर सकता है।करों की प्रभावी योजना बनाने के लिए इनका एक विचार रखना आवश्यक है।

एक सबसे घिसी-पिटी तथा सबसे सटीक बातें में से एक है- मौत और करों के अलावा कुछ भी निश्चित नहीं है। वेतनभोगी कर्मचारियों को अपने टैक्स ब्रैकेट के आधार पर अपनी आय पर करों का भुगतान करना होगा। सौभाग्य से, आयकर अधिनियम कई छूट प्रदान करता है जो व्यक्ति को कर बचाने देता है। आइए वेतनभोगियों के लिए कर बचत विकल्पों को देखें।

धारा 80 सी के तहत कर बचत विकल्प

धारा 80 सी वेतनभोगी व्यक्तियों को कुछ भुगतानों और निवेशों के लिए कुल सकल आय से 1,50,000 रुपये की कटौती का दावा करने के लिए विकल्प प्रदान करती है। धारा 80 सी और इसके उपखंडों के तहत इस तरह की सभी कटौती की सीमा 1.5 लाख रुपये पर सीमित है।80सी विकल्पों में 1.5 लाख रुपये से अधिक निवेश और भुगतान कर छूट के लिए योग्य नहीं हैं।

आइए सबसे पहले, हम सभी अलग-अलग तरीके देखते हैं जो 80 सी छूट के लिए योग्य हैं।

कर्मचारी भविष्य निधि: धारा 80 सी के तहत कर्मचारी भविष्य निधि में 1.5 लाख रुपये तक का कर्मचारी का योगदान कर कटौती योग्य है।

लोक भविष्य निधि: पीपीएफ आपको एक वर्ष में कम से कम 500 रुपये निवेश करने की अनुमति देता है और धारा 80 सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक पर कटौती की अनुमति है। वर्तमान में, पीपीएफ प्रतिवर्ष 7.9 प्रतिशत की ब्याज दर प्रदान करता है, और रिटर्न की गारंटी है। पीपीएफ दीर्घकालिक निवेश के लिए एक अच्छा विकल्प है क्योंकि इसमें 15 वर्षों की लॉक-इन अवधि है। इसे परिपक्वता के बाद 5 साल के ब्लॉक के लिए बढ़ाया जा सकता है।

जीवन बीमा प्रीमियम: जीवन बीमा पॉलिसियों के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम भी 80सी के तहत छूट के योग्य हैं। कटौतियों का दावा स्वयं अपने, पति/पत्नी और आश्रित बच्चों का बीमा करने के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम के लिए किया जा सकता है। यहां, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि यदि ऐसी पॉलिसी 31 मार्च, 2012 को या उससे पहले जारी की जाती है, तो कटौती के लिए योग्य अधिकतम प्रीमियम, बीमाकिंत राशि का 20 प्रतिशत है। 31 मार्च 2012 के बाद जारी बीमा पॉलिसी के लिए, बीमांकित राशि का 10 प्रतिशत कटौती योग्य हो सकता है।

इक्विटी लिंक्ड बचत योजनाएं (ईएलएसएस): ईएलएसएस में निवेश भी 80सी कटौती के लिए पात्र हैं। ईएलएसएस ओपन एंडेड म्यूचुअल इक्विटी म्यूचुअल फंड है। ईएलएसएस के लिए लॉक-इन अवधि 3 साल है। ईएलएसएस में अन्य कर बचत योजनाओं की तुलना में अधिक रिटर्न देने की क्षमता है क्योंकि ये इक्विटी में निवेश करते हैं। हालांकि, वे एक उच्च जोखिम के साथ आते हैं। साथ ही, यह सलाह दी जाती है कि दीर्घकालिक निवेश के लाभों का लाभ उठाने के लिए आप 5-7 वर्षों तक निवेश करें।

सुकन्या समृद्धि खाता: इस योजना के तहत, आप अपनी छोटी बेटी के लिए 10 वर्ष की उम्र तक खाता खोल सकते हैं। इस खाते में योगदान 80 सी कटौती के लिए पात्र है।सुकन्या समृद्धि खाता अधिकतम दो लड़कियों के लिए खोला जा सकता है। जुड़वा बच्चों के मामले में, इसे तीसरी लड़की तक भी बढ़ाया जा सकता है।

राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी): यह एक निश्चित आय छोटी बचत योजना है जिसे कि डाकघर के माध्यम से खोला जा सकता है। 80सी में कोई भी निवेश धारा 80 सी के तहत कर कटौती के लिए योग्य है। ब्याज सालाना संयोजित किया जाता है। वर्तमान में, एनएससी 7.9 प्रतिशत ब्याज प्रदान करता है।

पांच साल के बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी): 5 साल के अवधि के साथ कोई भी सावधि जमा 80 सी कटौती के लिए भी पात्र है।

5 वर्षीय डाकघर सावधि जमा: एफडी के समान, ये 80 सी लाभों के लिए भी योग्य हैं। वर्तमान में, प्रस्तुत की जाने वाली वापसी की दर 7.7 प्रतिशत है।

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना: यह योजना केवल 60 वर्षों से अधिक के वरिष्ठ नागरिकों या व्यक्तियों के लिए है और 80 सी की कटौती प्रदान करती है। 55 वर्ष से अधिक, लेकिन 60 वर्ष से कम के व्यक्ति भी इस योजना में निवेश कर सकते हैं यदि वे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना या विशेष स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना से सेवानिवृत्त हुए हैं।

यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULips): ये बीमा उत्पाद हैं जो बाजार-लिंक्ड रिटर्न भी प्रदान करते हैं। यूलिप के योगदान में 5 वर्ष की लॉक-इन अवधि होती है और 80 सी कटौती के लिए योग्य हैं। जब आप यूलिप खरीदते हैं, तो आपको लाइफ़ कवर मिलता है और दीर्घकालीन इक्विटी निवेश के लाभ भी मिल सकते हैं।

गृह ऋण मूलधन चुकौती: आपके द्वारा अपने गृह ऋण की ओर भुगतान की जाने वाली समान मासिक किस्त (ईएमआई) में 2 भाग हैं- मूलधन और ब्याज। मूलधन धारा 80सी के तहत कटौती योग्य है। इसलिए, यदि आपके नाम पर गृह ऋण है, तो आप अपने गृह ऋण के पूरे मूलधन के पुनर्भुगतान के लिए 80 सी कटौती का दावा कर सकते हैं, और आपको अन्य कर बचत उत्पादों में निवेश करने की आवश्यकता नहीं है।

80सी के कुछ उपखंड हैं जो समान लाभ प्रदान करते हैं।

धारा 8CCC: यह 1.5 लाख रुपये तक की कटौती के लिए योग्य कुछ पेंशन फंडों या वार्षिक भत्तों के प्रति योगदान देता है।

धारा 80CCD और धारा 80CCD (1B): राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) में कोई भी योगदान इस खंड के तहत 1.5 लाख रुपये तक कटौती के लिए भी योग्य है। इस कटौती की अनुमति एनपीएस टीयर 1 खाते पर है। सरकारी कर्मचारियों के लिए एनपीएस टीयर II खाते भी इस कटौती के लिए पात्र हैं यदि उनके पास 3 वर्ष की लॉक-इन अवधि है। आयकर अधिनियम की धारा 80 सीसीडी (1 बी) के तहत एनपीएस योगदान के लिए 50,000 रुपये की अतिरिक्त कटौती भी उपलब्ध है। यह कटौती केवल टीयर 1 खातों के लिए उपलब्ध है। इसलिए एनपीएस के तहत कुल कटौती 2 लाख रुपये है। अटल पेंशन योजना (एपीवाई) में योगदान भी इस खंड के तहत 50,000 रुपये की कटौती के लिए योग्य हैं।

80 सीसीडी (2): इस खंड के तहत, अंशदान 1.5 लाख रुपये की सीमा से ऊपर नियोक्ता द्वारा 10 प्रतिशत मूल वेतन +डीए कटौती के लिए योग्य है।

अनुभाग 80 सी और इसके उपखंडों के अलावा, वेतनभोगियों के लिए कर बचत के लिए अन्य विकल्प हैं। आइए एक नजर डालते हैं।

आपके गृह ऋण पर ब्याज भुगतान: यदि मकान मालिक उस संपत्ति में रहता है तो मकान मालिक गृह ऋण ब्याज की ओर भुगतान की गई राशि पर 2 लाख रुपये तक की कटौती का दावा कर सकता है। संपत्ति खाली होने के मामले में भी समान नियम लागू होता है। हालांकि, अगर आपने संपत्ति को किराए पर दिया है, तो संपूर्ण ब्याज कटौती के लिए योग्य है। जुलाई 2019 के बजट में, किफायती आवास योजना के तहत खरीदी गई संपत्तियों के लिए कटौती के योग्य आवास ऋण पर भुगतान की जाने वाली अधिकतम राशि 3.5 लाख रुपये तक बढ़ा दी गई थी। इस योजना के तहत गृह ऋण प्राप्त करने की समय सीमा वर्तमान बजट के तहत 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दी गई थी।

अपने बच्चों के लिए ट्यूशन शुल्क प्राप्तियां: दो बच्चों की शिक्षा की दिशा में ट्यूशन फीस के भुगतान लिए धारा 80 सी के तहत कटौती उपलब्ध है। कटौती के लिए उपलब्ध कुल राशि 1.5 लाख रुपये है।

स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम: चिकित्सा बीमा की ओर भुगतान किए गए प्रीमियम आयकर अधिनियम की धारा 80 डी के तहत कर लाभ प्रदान करते हैं। वरिष्ठ नागरिकों के चिकित्सा प्रीमियम के भुगतान के लिए उच्च कटौती प्रदान की जाती है। यदि परिवार में कोई भी 60 वर्ष से अधिक का नहीं है, तो कटौती के लिए 25,000 रुपये उपलब्ध है। 60 वर्ष से कम उम्र के माता-पिता के लिए एक और 25,000 रुपये उपलब्ध है। इसलिए उपलब्ध कुल कटौती 50,000 रुपये है। यदि माता-पिता में से कोई भी 60 से अधिक है, तो माता-पिता के लिए प्रीमियम के भुगतान के लिए दावा की गई राशि 50,000 रुपये है। परिवार (स्वयं, पति/पत्नी और बच्चों) के चिकित्सा बीमा के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम को 25,000 रुपये तक छूट दी जाती है, इसलिए कुल छूट 75,000 रुपये है। यदि परिवार का सबसे बड़ा सदस्य 60 वर्ष से अधिक आयु का है, तो बीमा प्रीमियम की ओर 50,000 रुपये का लाभ ले सकता है। माता-पिता के लिए 50,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ, 1 लाख रुपये की कुल उपलब्ध छूट लाता है।

शिक्षा ऋण: आयकर अधिनियम की धारा 80 ई के तहत शिक्षा ऋण पर संपूर्ण ब्याज भार कटौती के लिए योग्य है।

आपके वेतन पर कर छूट

कर छूट के प्रावधान भी हैं, जो आपके वेतन के साथ आते हैं।

हाउस किराया भत्ता (एचआरए) छूट: वेतनभोगी व्यक्ति, जो एक किराए के अपार्टमेंट में रहते हैं उन्हें एचआरए से कर छूट प्राप्त होती है। प्राप्त आय कर छूट को निम्न में से एक न्यूनतम प्राप्त होता है

1. नियोक्ता से प्राप्त कुल एचआरए 

2. वेतन का 50 प्रतिशत (मेट्रो शहरों में रहने वाले लोगों के लिए और गैर मेट्रो शहरों में रहने वाले लोगों के लिए वेतन का 40 प्रतिशत 

3. वार्षिक वेतन के 10 प्रतिशत से अधिक भुगतान किए गए किराए की अधिकता

मानक कटौती: कर्मचारी कुल आय से कटौती के रूप में 50,000 रुपये का दावा कर सकते हैं, जिससे कर खर्च को कम किया जा सकता है

छुट्टी यात्रा भत्ता: यदि कोई नियोक्ता कर्मचारी को छुट्टी यात्रा भत्ता प्रदान करता है, तो उसे कर से एक निश्चित राशि तक छूट दी जाती है, बशर्ते छुट्टी भारत में हो।

अन्य कटौती: कुछ नियोक्ता कर्मचारियों को उन छुट्टियों के नगदीकरण करने का विकल्प देते हैं जिन्हें लेने की अनुमति दी गई थी लेकिन वे ली नहीं गईं। कुछ हद तक इनके छूट के रूप में दावा करने की अनुमति है। कुछ नियोक्ता कर्मचारियों को कार, मोबाइल फोन, मुफ्त आवास आदि जैसी सुविधाएं भी प्रदान करते हैं। इनमें से कुछ अनुलाभ कर योग्य हैं, जबकि कुछ कटौती के लिए उपलब्ध हैं।

2020 बजट में, एक नई कर वयवस्था प्रस्तावित की गई है। इस व्यवस्था के तहत, जिन व्यक्तियों ने किसी भी कर छूट का लाभ नहीं उठाया है, उन पर कम दरों पर कर लगाए जाएंगे। व्यक्ति को टैक्स व्यवस्था के तहत कर खर्चों की तुलना करनी चाहिए और फिर निर्णय लेना चाहिए।