जो लोग कर चोरी करते हैं वे अक्सर जानते हैं कि वे यह कर रहे हैं। पकड़े ना जाने की उम्मीद करते हुए, वे कठोर परिणामों वाला एक गंभीर अपराध करते हैं। अवैध चैनलों के माध्यम से कर टालने के परिणाम बहुत गंभीर हैं। कर को टालना – अवैध या कानूनी – मायने रखता है क्योंकि यह उन करों की मात्रा को कम कर देता है जिनका भुगतान किया जाता है जिससे देश में धन की कमी हो जाती है। लेकिन वास्तव में कर चोरी का क्या मतलब है?

कर चोरी क्या है?

कर चोरी को किसी के कर योग्य आय की रिपोर्ट न करने या अस्वीकार्य कटौती लेने के माध्यम से किसी के करों का भुगतान न करने के रूप में परिभाषित किया गया है। कर चोरी किसी के करों का भुगतान करने से बचने के लिए अवैध साधनों का उपयोग करने का आपराधिक साधन भी है। कर चोरी करना एक अपराध है और ऐसा करने से भारी जुर्माना के साथ-साथ जेल भी जाना पड़ सकता है। किसी के स्थायी रिकॉर्ड पर एक काला धब्बा भी लग सकता है।किसी को कर चोरी का दोषी ठहराने के लिए, यह आवश्यक है कि अभियोजन पक्ष साबित करे कि:

एक कर ऋण मौजूद है जिसका भुगतान नहीं किया गया है

प्रतिवादी ने विशेष रूप से अपने करों की चोरी का प्रयास या कर चोरी करने में सफल हुआ है।

प्रतिवादी का इरादा विशेष रूप से करों का भुगतान करने के मौजूदा कानूनी कर्तव्य से बचना था।

टैक्स चोरी, आनाकानी, या सच में एक चूक?

क्या हो यदि आप कर चोरी का आरोप लगे, लेकिन आपसे बस एक साधारण सूचना देने संबंधी चूक हुई? यद्यपि इसकी हमेशा संभावना रहती है, केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड कर से संबंधित चूक करने और जानबूझ कर करों से बचने के बारे में बहुत स्पष्ट है। जब आपके कर फॉर्म भरने की बात आती है तो सूचना देने की गलतियों में गलत जानकारी को कॉपी करना, ट्रांसपोजिशन त्रुटियां, गणित त्रुटियां और अन्य प्रत्यक्ष त्रुटियां शामिल होतीहैं ।देश के जटिल कर कानूनों को देखते हुए चूक हो जाना काफी सामान्य बात है। लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि कर चोरी को कर टालने से जोड़कर ना देखा जाए। किसी के द्वारा करों का भुगतान करने से बचना, एक ऐसा तरीका है जिसमें कोई व्यक्ति जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा, आदि जैसे वित्तीय साधनों में योगदान करके अपने आयकर को टाल कर, अपना स्वयं का कर बोझ कम कर देता है। इनका वैध कर कटौती के रूप में दावा किया जा सकता है, और वैध व्यापार खर्चों के रूप में इनकी कटौती की जाती है। वैकल्पिक रूप से, कर चोरी इस तरह दिखती है:— जानबूझकर करों का कम भुगतान

— पैसा छिपाना

— किसी के आय दस्तावेज़ों में धांधली करना

— अपने खर्चों और कटौती को बढ़ाना

— अपनी आय को कम दर्शाना

— विदेशी खाते (खातों) में आय या ब्याज को छुपाना

अपने कर  की चोरी के पांच उदाहरण ये हैं:

दस्तावेजों में धांधली करना

किसी व्यक्ति द्वारा दस्तावेज़ों में धांधली करने के तरीकों में से एक, उनमें से एक अपने कर रिटर्न के बारे में झूठ बोलना है। अपना कर रिटर्न दाखिल करते समय, यदि कोई व्यक्ति अपनी आय को सीधे तौर पर कम दिखाता है और दस्तावेज़ों में इस कम दिखाई गयी आय की पुष्टि करने वाली धांधली करना का फैसला करता है, तो इसे दस्तावेज़ों में धांधली माना जाता है। शायद कोई इससे इनकार करता है कि उसके पास एक विदेशी खाता है, या वे उन सभी खातों की सूचना नहीं देता है जो उसके पास हैं या उनकी आय की प्रकृति के बारे में सभी जानकारी साझा नहीं करता है। इनमें से प्रत्येक मामला जानबूझकर की गयी कर चोरी के रूप में माना जा सकता है और उस हिसाब से आपराधिक माना जाता है।

अपनी आय कम दिखाना

हम सभी जानते हैं कि किसी की कर देयता उसकी आय के आंकड़ों पर आधारित होती है। यदि आप इनकी कमाई को कम करते हैं, तो यह अपने आप ही उनके करों को कम कर देगा। कोई अपनी आय को दो तरीकों से कम करके बता सकता है। एक तरीका यह है कि इसे सीधे तौर पर गलत तरीके से प्रस्तुत करना है। दूसरा तरीका वो है जिसे स्ट्रक्चरिंग कहा जाता है। स्ट्रक्चरिंग नकली तौर पर उस हद्द तक किसी के निकासी, जमा और हस्तांतरण की सूचना देने का एक तरीका है जो किसी के बैंक की सूचना देने संबंधी आवश्यकताओं से कम है। किसी की वास्तविक आय का पता लगाने से बचने के लिए किसी की आय कम करके बताई जाती है, और इसे अपराध माना जाता है।

ब्याज छुपाना

आम तौर पर, ज्यादातर लोग अपने पैसे को गाड़ेंगे नहीं या गद्दे के नीचे नहीं छिपाएंगे, ताकि यह संघीय सरकार द्वारा ढूंढा ना जा सके। हालांकि, विदेशी खाते से कमाया गया उन लोगों के लिए ब्याज करों का भुगतान कर देने से बचने का एक आसान तरीका है, जिन्हें लगता है कि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। हालांकि, इन खातों से कमाया गया ब्याज वास्तव में तेजी से बढ़ सकता है, खासकर तब जब किसी ने विदेशी बैंकों में करोड़ों जमा किए हुए हैं।

जानबूझकर कम कर का भुगतान

शायद आपको वह आंकड़ा पसंद नहीं है जो आपके कर तैयार करने वाले ने बताया था। इस कारण से, आप जानबूझकर अपने रिटर्न से कम भुगतान करते हैं जो यह बताता है कि आप पर राशि बकाया है। इसे देखना बहुत आसान है और इसलिए आसानी से पकड़ में आ जाता है। इस रणनीति को पूरा करने के लिए भीड़ वाला दृष्टिकोण मनी लौन्ड्रिंग है। मान लेते हैं कि एक विदेशी विक्रेता का आप पर बहुत पैसा बकाया है। नकदी मांगने के बजाय, आप विक्रेता को किसी तीसरे पक्ष के माध्यम से खाद्य पदार्थों को हस्तांतरित करते हुएआपके लिए वस्तुएं खरीदने के लिए कहते हैं, और इसे उपहार कहते हैं, । चूंकि आपने जानबूझकर यह कहते हुए सूचना नहीं दी कि आपको उपहार मिला है, इसलिए कोई नकद आय नहीं है जिसकी आपको सूचना देनी होगी। यह सिर्फ उस राशि के लायक होता है जो विक्रेता द्वारा आपको दी जानी है।

अवैध रूप से आय का निर्धारण करना

पैसे छिपाने का पांचवां तरीका यह दावा करना है कि आय किसी और की है – हो सकता है कि देवर या किसी और की। यदि आप अपने करों को कम करने के उद्देश्य से जानबूझकर आय किसी और के नाम पर दिखाते हैं जो वास्तव में आपकी है, तो, इसे कर चोरी माना जाता है। उदाहरण के तौर पर, मान लीजिए कि आप बहुत पैसा कमाते हैं। आपकी आय का स्रोत पांच अलग-अलग विक्रेताओं के बीच विभाजित है। यह कहने के बजाय कि आपकी आय आपके पास आई है, आप पांच अन्य लोगों को चुनते हैं और इस आय को एक विक्रेता से इनमें से प्रत्येक के लिए निर्धारित करते हैं।इनमें से प्रत्येक व्यक्ति को कुछ पैसा मिलता है और बाकी का आपको वापस उपहार में दे देता है। हालांकि यह नकद उपहार देना अवैध नहीं है, और अपने आप आय का पुनः निर्धारण अवैध नहीं है, लेकिन जानबूझकर किसी के कर दायित्व को कम करने के उद्देश्य के साथ दोनों को एक साथ करना एक तरह का कर चोरी अपराध बन जाता है।

मुख्य बात

कर देने से बचने के उद्देश्य से किसी की आय, खातों, दस्तावेजों को छिपाने, उनके बारे में झूठ बोलने, या सीधे तौर पर गलत तरीके से बताना एक अपराध है। अत्यधिक अवैध लेकिन आम कर चोरी की रणनीतियों में मनी लॉन्ड्रिंग,किसी के करों का जानबूझकर कम भुगतान करना, ब्याज छिपाना, किसी की आय को कम करके दिखाना, किसी के दस्तावेज़ों में धांधली करना।