परिचय

जो लोग अपना रिटर्न और धन का बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए निवेश करना अनिवार्य है। अवसर लागत(opportunity cost) की अवधारणा यह तय करती है कि जिस दौरान लॉकर में रखा गया पैसा सुरक्षित होता है, तो इसमें एक बड़ी अवसर लागत का संचय होता है, क्योंकि यदि आप इसे निवेश किया होता तो आप इस पैसे पर लाभ कमा रहे होते।

हालांकि बैंक में पैसा रखना थोड़ा-बहुत रिटर्न प्राप्त करने का एक अच्छा और सुरक्षित तरीका है, लेकिन आप अपना रिटर्न बढ़ाने के लिए अपने निवेश में विविधता लाने के लिए भी देख सकते हैं। ऐसा ही एक तरीका प्रतिभूति बाजार में ट्रेडिंग करना है। कुछ नामों की बात करें तो व्यक्तिगत कंपनियों के शेयर, म्यूचुअल फंड, इलेक्ट्रॉनिक रूप से ट्रेड किए गए फंड, या ईटीएफ(ETFs), बॉन्ड से लेकर डेरिवेटिव तक प्रतिभूति बाजार में प्रस्तावों की एक विस्तृत संख्या है। हालांकि,प्रतिभूतियों को खरीदने और स्टोर करने के लिए, एक निवेशक को डीमैट खाते की आवश्यकता होगी।

डीमैट खाता क्या है?

एक डीमैट खाता एक डिपॉजिटरी प्रतिभागी, उदाहरण के लिए, आपके ब्रोकर के साथ रखा जाता है, ब्रोकर, हालांकि यह खाता धारक से संबंधित होता है।डीमैट खाता डिपॉजिटरी प्रतिभागी के सहयोग से धारक को प्रतिभूतियों को खरीदने और बेचने, धारक और बाजार के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करने की अनुमति देता है।उन विशिष्ट सेवाओं के आधार पर विभिन्न प्रकार के डिपॉजिटरी प्रतिभागियों(DPs) की एक बड़ी संख्या है, जो वे प्रदान करते हैं या जिनके लिए वे जाने जाते हैं। उदाहरण के लिए, एक व्यक्ति एक पूर्ण सेवा ब्रोकर के साथ डीमैट खाते का लाभ उठा सकता है जो उसकी ट्रेडिंग में उसकी सहायता करेगा, या वे एक डिस्काउंट ब्रोकर के साथ एक डीमैट खाता खोल सकते हैं, जहां वे कम या बिना किसी सहायता के सारी ट्रेडिंग कर सकते हैं। इसी प्रकार, कोई व्यक्ति एक अलग डीपी के साथ एक खाता खोल सकता है, जो उन्हें गोल्ड और गोल्ड के ईटीएफ(ETFs) जैसी खरीद करने में मदद कर सकता है।

इसकी संभावना है कि आपके पास विभिन्न डीपीएस के साथ कई डीमैट खाते हो जाएं। हालांकि, यदि आप उस डीमैट खाते के माध्यम से प्रतिभूति बाजार में ट्रेडिंग बंद करने का निर्णय लेते हैं तो आपके डीमैट खाते का क्या होता है? इस लेख में, आइए देखें कि जब डीमैट खाते को निष्क्रिय छोड़ दिया जाता है तो इसके साथ क्या होता है, आप अपने निष्क्रिय डीमैट खाते की निगरानी कैसे कर सकते हैं और साथ ही अपने डीमैट खाते को निष्क्रिय और पहुंच से बाहर न छोड़ने के महत्व को देख सकते हैं।

डीमैट खाता कब निष्क्रिय हो जाता है?

निष्क्रिय डीमैट खाता निष्क्रियता(dormancy) की स्थिति में तब प्रवेश करता है जब काफी लंबे समय तक इसका प्रयोग नहीं किया जाता है।हालांकि, इन समयावधि की सटीक अवधि समान नहीं है और उस डीपी(DP) पर निर्भर करती है, जिनके साथ डीमैट खाता पंजीकृत है। हालांकि, अगर आप देखते हैं कि किसी निश्चित डीपी के साथ आपने अपने डीमैट खाते का उपयोग नहीं किया है(यदि आप कई डीमैट खाते का संचालन कर रहे हैं तो संभावना है), तो आपको आपके निष्क्रिय डीमैट खाते की जांच करने की सलाह दी जाती है।

हालांकि यह सलाह दी जाती है कि आप अपने डीमैट खाते को निष्क्रिय होने से बचाएं, प्रारंभ में, कई परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं जिससे किसी व्यक्ति के लिए डीमैट खाते से ट्रेडिंग करना मुश्किल हो जाता है। इस स्थिति में, जबकि अब कोई खाता संचालित करने में सक्षम नहीं होता है, यह सलाह दी जाती है कि वे कम से कम, खाते पर नजर रखें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई असामान्य गतिविधि नहीं हो रही है, और यदि उन्हें कोई ऐसी कोई असामान्य गतिविधि दिखाई देती है, तो वे तुरंत और कुशलता से कार्य करने में सक्षम हो पाएंगे।

आपको अपने निष्क्रिय डीमैट खाते की निगरानी क्यों करनी चाहिए?

अतीत में, कई उदाहरणों पर ध्यान दिया गया है, जिसमें एक निष्क्रिय डीमैट खाता बहुत सारे कारणों से अवैध ट्रेडों को चलाने वाले ठगों का लक्ष्य रहा है। आइए देखें कि कोई निष्क्रिय डीमैट खाते का दुरुपयोग कैसे कर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप वे गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं जिसका असर डीमैट खाते के मूल मालिक पर हो सकता है।

निष्क्रिय डीमैट खातों का प्रयोग अक्सर धोखेबाजों द्वारा ताकि वे एक प्रक्रिया में शामिल हो सके जिसे फ्रंट रनिंग कहा जाता है। फ्रंट रनिंग शेयर की कीमत के बारे में अंदरूनी जानकारी के आधार पर शेयर खरीदने या बेचने की प्रक्रिया है, जो व्यक्ति को घोटाले के जरिए अपने व्यक्तिगत खाते के माध्यम से अधिक लाभ कमाने में सक्षम बनाता है। उदाहरण के लिए, कोई धोखेबाज एक निष्क्रिय डीमैट खाते का उपयोग कर सकता है, जिसका एक्सेस उसने प्राप्त कर लिया है (किसी दिए गए डीमैट खाते के लिए केवाईसी जानकारी को बदलने की प्रक्रिया के माध्यम से ऐसा किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप मूल मालिक को अपने खाते के माध्यम से होने वाली गतिविधि का कोई ज्ञान नहीं होता है)। इसके बाद वे इस डीमैट खाते का प्रयोग फ्रंट रनिग के लिए कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए, एक ब्रोकर को एक निश्चित स्टॉक के 800,0000 शेयर खरीदने का एक बड़ा आर्डर मिलता है। ब्रोकर जानता है कि इस पैमाने का किसी आर्डर में स्टॉक की कीमत को प्रभावित करने की संभावना है, जिसके परिणामस्वरूप वे पहले अपने व्यक्तिगत खाते में स्टॉक खरीदते हैं, ताकि ग्राहक के आर्डर के संसाधित होने और मूल्यों के बढ़ने पर वे उसे ऊंचे दामों पर बेच सकें।

निष्क्रिय डीमैट खाता, उन लोगों को फ्रंट रनिग की इस प्रक्रिया को गुमनामी की अतिरिक्त परतों के साथ नियोजित करने की अनुमति देता है, जिससे उनके पकड़े जाने की संभावना कम हो जाती है। यदि कोई धोखेबाज एक निष्क्रिय डीमैट खाते फ्रंट रनिंग के लिए स्टॉक खरीदता है, तो उनके उस समय की अपेक्षा पकड़े जाने की संभावना कम ही होती है, जब वह अपने व्यक्तिगत डीमैट खाते के माध्यम से ऐसा कर रहा होता।

निष्कर्ष

विशेषज्ञों का सुझाव है कि यदि आप एक लंबी अवधि के लिए डीमैट खाते का उपयोग न करने की योजना बना रहे हैं, तो आप अपने डीमैट खाते को फ्रीज कर दें। जिससे यह संचालन, हस्तांतरण के लिए अनुपलब्ध हो जाएगा और परिणामस्वरूप घोटाले और खाते के दुरुपयोग को असंभव बना देगा। हालांकि,यदि आप अपने डीमैट खाते को फ्रीज नहीं कर रहे हैं, और यह निष्क्रियता की स्थिति में प्रवेश करता है, तो यह सलाह दी जाती है कि आप डीमैट खाते पर और किसी ऐसे हस्तांतरण पर नजर रखें जिसे आप नहीं पहचानते। चूंकि घोटाले अक्सर केवाईसी दस्तावेजों में परिवर्तन के माध्यम से होते हैं, संभावना है कि आपको अपने डीमैट खाते में असामान्य गतिविधि के बारे में सूचित नहीं किया जाएगा, जब तक कि आप इसकी विशेष रूप से तलाश नहीं करते। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपके साथ डीमैट खाते से संबंधित घोटाले न हों, अपने डीमैट खातों पर निगरानी रखें, भले ही वे सक्रिय रूप से उपयोग में न हों।