डीमैट खातों का उपयोग करके ऑनलाइन ट्रेडिंग के साथ, शेयर खरीदना और बेचना सिर्फ एक बटन क्लिक करने की बात है। हम अक्सर मानते हैं कि जैसे ही हम खरीदते हैं, हमारे द्वारा खरीदे गए शेयरों को तुरंत हमारे डीमैट खाते में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। हालांकि, यह हमेशा ऐसा नहीं होता है। भारतीय स्टॉक एक्सचेंज T+2  सेटलमेंट चक्र का पालन करते हैं, जिसके तहत डिपॉजिटरी प्रतिभागी(DP) द्वारा शेयर T+2  ट्रेडिंग दिनों के भीतर खरीदार के खाते में स्थानांतरित किए जाते हैं।हालांकि,कभी-कभी, T+2  दिनों के बाद भी खरीदे गए शेयर खरीदार के डीमैट खाते में दिखाई नहीं देता है। ऐसी स्थिति में कोई क्या करता है? पता लगाने के लिए आइए पढ़तें हैं।

T+2 सेटलमेंट क्या है?

आपको आश्चर्य होगा कि जब इस डिजिटल युग में जब सब कुछ एक बटन के क्लिक पर होता है, तो डिपॉजिटरी प्रतिभागी द्वारा शेयरों का निपटान होने में T+2 दिन क्यों लग जाते हैं। इसका जवाब इस तथ्य में निहित है कि सभी डिपॉजिटरी प्रतिभागी ऑनलाइन काम नहीं करते हैं। अभी भी बहुत से विरासती डिपॉजिटरी प्रतिभागी हैं जो अभी भी चेक के माध्यम से भुगतान स्वीकार करने और वितरण निर्देश पर्ची (DIS) के माध्यम से शेयरों के स्वामित्व को स्थानांतरित करने की भौतिक विधि का उपयोग करते हैं।यही कारण है कि डिपॉजिटरी प्रतिभागियों शेयरों के निपटारे के लिए अधिकतम T+2 दिनों की मांग करते हैं।यहां T+2 दिनों का मतलब होता है कि हस्तांतरण अधिकतम 2 ट्रेडिंग दिनों के बाद किया गया था। इसलिए यदि लेनदेन शुक्रवार को किया गया था, तो T+2 दिन का मतलब होगा मंगलवार क्योंकि शनिवार और रविवार ट्रेडिंग हॉलीडे हैं। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि यह अधिकतम वह समय है जिसमें आपके डिपॉजिटरी प्रतिभागी को शेयरों को आपके डीमैट खाते में हस्तांतरित कर देना चाहिए। अक्सर, शेयरों को इस अवधि से पहले भी स्थानांतरित कर दिया जाता है। लेकिन क्या होगा यदि T+2 की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी शेयर हस्तांतरित नहीं किए जाते हैं?

T+2 दिनों के बाद भी आपके शेयरों को स्थानांतरित न किए जाने के कारण

T+2 दिनों के बाद भी आपके शेयरों को आपके डीमैट खाते में हस्तांतरित क्यों नहीं किया गया है, इसके कई कारण हैं। 

  1. आपके डिपॉजिटरी भागीदारी/ब्रोकर के साथ लंबित बकाया राशि

डीमैट खाते पर ट्रेडिंग के साथ जुड़े बहुत सारे छोटे शुल्क होतें हैं, डिपॉजिटरी प्रतिभागी(DP) को जिनका भुगतान करने की जरूरत होती है। हालांकि डिपॉजिटरी प्रतिभागी आमतौर पर छोटे बकाया भुगतान के कारण शेयरों के हस्तांतरण में बाधा नहीं पहुंचाते हैं, परंतु कभी-कभी वे प्रभार बहुत अधिक बढ़ जाते हैं और आपका डिपॉजिटरी प्रतिभागी आपके द्वारा इन बकाया राशियों का भुगतान किए जाने तक आपके डीमैट खाते में शेयरों के क्रेडिट को होल्ड कर सकता है।इन बकाया राशियों में भुगतान न किए गए मार्जिन, वित्त पोषण रहित बाजार से बाजार नुकसान(unfunded market-to-market losses), या वार्षिक खाता रखरखाव शुल्क (AMC) शामिल हो सकते हैं। ऐसे मामले में, यह सलाह दी जाती है कि आप अपने डिपॉजिटरी प्रतिभागी या ब्रोकर के साथ संपर्क करें और यदि कोई बकाया शुल्क है,तो उसके बारे में चर्चा करें।

  1. खरीदे गए शेयरों की कमी

कभी-कभी ऐसा होता है कि आप निश्चित संख्या में शेयर खरीदते हैं, लेकिन हो सकता है कि यह संख्या दी गई अवधि के दौरान बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं हो। ऐसे मामले में, शेयरों को आपके खाते में तब तक जमा नहीं किया जाता है जब तक कि वे विक्रेता द्वारा उपलब्ध न हों। हालांकि बिग-कैप शेयरों या उच्च ट्रेडिंग मात्रा वाले शेयरों के साथ यह कभी-कभी ही होता है, यह कभी-कभी स्मॉल-कैप या मिड-कैप शेयरों या कम मात्रा में ट्रेडिंग करने वाले शेयरों के साथ और बाजार में लिक्वीडिटी समस्याओं के होने पर होता है। ऐसे मामले में, विक्रेता जो शेयर देने में विफल रहते हैं वे नीलामी के लिए चले जाते हैं, और शेयर या तो 5-6 दिनों के भीतर आपके खाते में हस्तांतरित शेयरों होंगे, या आपके पास आपका पैसा वापस आ जाएगा। आपका डिपॉजिटरी प्रतिभागी आपको इन कार्यवाही के बारे में सूचित रखता है। हालांकि, सुरक्षित रहने के लिए, यह सलाह दी जाती है कि यदि आपके शेयरों को T+2 दिनों के भीतर आपके डीमैट खाते में जमा नहीं किया जाता है तो आप तुरंत अपने ब्रोकर/डिपॉजिटरी प्रतिभागी के संपर्क में रहें।

  1. इंट्रा-डे ट्रेडर्स द्वारा लगातार आज खरीदें कल बेचें आर्डर(BTST)/( STBT) गतिविधि

यदि आप एक लगातार इंट्रा-डे व्यापारी हैं तो आप अक्सर आज खरीदें कल बेचें आर्डर(BTST) देते रहते होंगे। BTST के साथ, आपको T+! दिन पर स्टॉक बेचने की अनुमति है, भले ही डिलीवरी T+2 दिन पर होती है, इस समझ के साथ कि आप स्टॉक प्राप्त करने के बाद डिलीवरी दे देंगे। यदि आपने T+! पर ही शेयर बेच दिए हैं, तो, ज़ाहिर है, टी+2 पर डिलीवरी प्राप्त करने का कोई सवाल ही नहीं है। हालांकि कभी कभी, जब आप T+1 पर कोई और शेयर बेचते हैं, और यह शेयर नीलामी में चला जाता है, डिपॉजिटरी प्रतिभागी आपके डीमैट खाते पर अन्य शेयरों के क्रेडिट को भी होल्ड पर रख सकता है। ऐसे मामले में, नीलामी खत्म होने के बाद स्टॉक को आपके खाते में जमा किया जाएगा।

  1. डिपॉजिटरी प्रतिभागी को हस्तांतरण किसी मान्य कारण से नहीं किया गया है

कभी-कभी, आपका डिपॉजिटरी भागीदार ऊपर सूचीबद्ध कारणों में से किसी के लिए आपके डीमैट खाते में शेयरों को क्रेडिट नहीं कर सकता है। ऐसे मामले में आपको T+2  दिनों तक इंतजार करना चाहिए और फिर डिपॉजिटरी प्रतिभागी के साथ इस मुद्दे पर आगे बढ़ाना चाहिए। कभी कभी ब्रोकर आपके शेयरों को होल्ड करके इनका दुरुपयोग कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, ऐसे मामले सामने आए हैं जहां ब्रोकरों ने निवेशकों के शेयरों को बैंकों में संपार्श्विक के रूप में रखकर वित्तपोषण प्राप्त करने की कोशिश की है। आपको इस तरह के भ्रष्टाचार के बारे में सतर्क रहने की जरूरत है।

निष्कर्ष

आपके द्वारा अपने डीमैट खाते का उपयोग करके खरीदे जाने वाले शेयरों को आमतौर पर T+2 व्यावसायिक दिनों के भीतर आपके खाते में हस्तांतरत किया जाता है। हालांकि, कभी-कभी कई वजहों से देरी हो सकती है जैसे डिपॉजिटरी प्रतिभागी के साथ लंबित बकाया राशि, खरीदे गए स्टॉक में पर्याप्त लिक्विडिटी न होना, या अक्सर होने वाली आज खरीदें कल बेचें (BTST) गतिविधि। प्रत्येक मामले में, यह सलाह दी जाती है कि आप T+3 वें दिन पर तुरंत अपने ब्रोकर के संपर्क करें और इस मामले को आगे बढ़ाएं।