डीमैट अकाउंट सेट अप करने के बाद आपको डीमैट अकाउंट के शुल्क पर विचार करना चाहिए।

जबकि कई ब्रोकर, वित्तीय संस्थान, बैंक और ब्रोकिंग फर्म अपने ग्राहकों को फ्री डीमैट अकाउंट ऑफर करते हैं, बाद में या फिर दिए गए विभिन्न विकल्पों के आधार पर उसके बाद, ग्राहकों को कुछ शुल्क अदा करने पड़ते हैं। जरूरी है कि आhको डीमैट अकाउंट के सभी शुल्कों के बारे में पता होना चाहिए।

आप किसी भी ब्रोकिंग फर्म, वित्तीय संस्थान या बैंक को चुन सकते हैं, जो एनएसडीएल या सीडीएसएल द्वारा अधिकृत डीपी है और सेबी के साथ रेजिस्टर्ड है। इनमें से हर एक कंपनी का अपना डीमैट अकाउंट ब्रोकरेज शुल्क है।

डीमैट शुल्क :

जिन महत्वपूर्ण जानकारियों पर ध्यान देना जरूरी है, उनमें शामिल हैं डीमैट शुल्क  यहाँ इनका एक संक्षिप्त वर्णन है:

1. अकाउंट खोलने की फीस :

आजकल, डीपी द्वारा लगाए गए डीमैट अकाउंट खोलने के शुल्क या तो मामूली होते हैं या फिर फ्री। बैंक इन्हें फ्री देते हैं अगर आप इनके साथ 3-में-1 अकाउंट खोलते हैं, यानी कि सेविंग बैंक अकाउंट, ट्रेडिंग अकाउंट और डीमैट अकाउंट।

हालाँकि, एंजल ब्रोकिंग जैसी अधिकांश प्राइवेट ब्रोकिंग फर्मों में अकाउंट खोलने की कोई फीस नहीं लगती है और अपने ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लैटफॉर्म के माध्यम से आपके लिए एक अबाधित अकाउंट खोलने का अनुभव प्रदान करते हैं। फिर भी, यदि सेबी द्वारा स्टांप ड्यूटी, जीएसटी और अन्य वैधानिक शुल्क जैसे अतिरिक्त प्रभार शामिल हैं, तो वो आपको देने होंगे।

इसलिए, आपको हमेशा विभिन्न डीपी और उनके डीमैट अकाउंट खोलने के शुल्क की तुलना करनी चाहिए और उनमें से आपके लिए सबसे सही को चुनना चाहिए।

2. वार्षिक मेनटेनेन्स शुल्क :

कुछ फर्म एक बेसिक शुल्क लेते हैं, जबकि कुछ डीपी पहले वर्ष के लिए एएमसी शुल्क नहीं लेते हैं और केवल दूसरे वर्ष से ही बिलिंग चक्र शुरू करते हैं। प्रत्येक डिपॉसिटरी की शुल्कों के लिए अपने विशिष्ट दिशा-निर्देश हैं।

उदाहरण के लिए, एंजल ब्रोकिंग रु. 699 प्रति वर्ष के फ्लैट रेट से एएमसी शुल्क लेती है और नेट बैंकिंग और यूपीआई के माध्यम से धनराशि का ऑनलाइन ट्रांसफर, तकनीकी और डेरिवेटिव ट्रेडिंग विचारों के लिए एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सलाह जैसी विभिन्न मूल्य वर्धित सेवाएं प्रदान करते हैं।

सेबी ने 1 जून 2019 से बेसिक सर्विसेज डीमैट अकाउंट – बीएसडीए को संशोधित किया है, जिसके तहत रु.1 लाख तक की डेट सिक्यूरिटीज़ के लिए वार्षिक मेनटेनेन्सशुल्क नहीं लगाया जाएगा। इसके विपरीत, अधिकतम रु.100 का शुल्क लगाया जाएगा यदि होल्डिंग रु. 1 लाख से रु. 2 लाख के बीच हो।

3. कस्टोडिएन फीस :

डीपी या तो वार्षिक रूप से शुल्क लेते हैं या फिर जैसा निर्दिष्ट हो उस प्रकार शुल्क लेते हैं। अधिकतर समय, यह शुल्क कंपनी द्वारा सीधे डिपॉसिटरी को भुगतान किया जाता है जो कि एनडीएसएल या सीडीएसएल होता है।

एंजल बरोकिंग जैसी अधिकांश ब्रोकिंग कंपनियों कस्टडी फीस नहीं लेती हैं।

4. ट्रांसऐक्शन फीस :

ट्रांसऐक्शन फीस को डीमैट अकाउंट ब्रोकरेज शुल्क के नाम से भी जाना जाता है, जो कि डीपी द्वारा पूरा किए गए प्रत्येक ट्रांसऐक्शन के लिए लिया जाता है। कुछ डीपी ट्रांसऐक्शन के मूल्य का एक प्रतिशत वसूलते हैं, जबकि कुछ प्रति ट्रांसऐक्शन एक फ्लैट फीस लेते हैं।

एंजल ब्रोकिंग जैसी ब्रोकिंग फर्म इक्विटी डिलीवरी ट्रेडिंग पर शून्य ब्रोकरेज की बहुत कम राशि चार्ज करती हैं और इंट्राडे, एफ ऐंड ओ, करेन्सीज़ और कमोडिटी के लिए रु. 20 प्रति ऑर्डर के फ्लैट रेट से ब्रोकरेज लेती हैं।

ऊपर उल्लिखित फीस के अलावा, क्रेडिट शुल्क, रीजेक्टिड इन्सट्रक्शन शुल्क, विभिन्न टैक्स और सेस, देरी से भुगतान की गई फीस आदि अन्य डीमैट अकाउंट के शुल्क हैं। जब आप निवेश करने के उद्देश्य से डीपी का चयन करने की प्रक्रिया कर रहे होते हैं, तो अपने डीमैट अकाउंट में लगाए गए सभी शुल्कों पर ध्यान देना सुनिश्चित करें।