परिचय

आरबीडी पाल्मोलिन वह तेल है जो पाम के फल से निकाला जाता है और फिर इसे रिफाइंड, ब्लीच और दुर्गन्धरहित  किया जाता है। कई देश खाना पकाने के लिए आरबीडी पाल्मोलिन तेल का उपयोग करते हैं। साबुन, वाशिंग पाउडर, मोमबत्तियां, हाइजीन उत्पाद और पर्सनल केयर की वस्तुओं के उत्पादन में आरबीडी पाम ओलेन एक महत्वपूर्ण कच्चा माल है।

पाम के पेड़ के ताजे फल से प्राप्त तेल को कई वाणिज्यिक उत्पादोंक्रूड पाल्मोलिन, क्रूड पाम तेल, आरबीडी पाल्मोलिन, आरबीडी पाम तेल, और पाम कर्नेल ऑयल में वर्गीकृत किया जाता है।

एमसीएक्स में हर महीने आरबीडी पाल्मोलिन के अनुबंध उपलब्ध होते हैं। एक अनुबंध तीन महीने का होता है। सोमवार से शुक्रवार तक, प्रात: 9.oo बजे से शाम 9.oo बजे तक व्यापार किया जाता है। आरबीडी पाल्मोलिन तेल के लिए ट्रेडिंग यूनिट दस मीट्रिक टन है। आरबीडी पाम ओलेन की कीमत  प्रति 10 किलोग्राम 620 रू. है; हालांकि, कीमतें बदलती रहती हैं, इसलिए निवेश से पहले हमेशा वर्तमान मूल्य जान लें।

गुण

आरबीडी पाल्मोलिन में विटामिन डी और होता हैं और कोलेस्ट्रॉल से मुक्त है। यह ऑक्सीकरण के लिए प्रतिरोधी है, एक संतुलित और पौष्टिक तेल है। आरबीडी पाल्मोलिन विभिन्न स्नैक्स और फास्ट फूड जैसे इंस्टेंट नूडल्स, डोनट्स और आलू के चिप्स के लिए फ्राइंग तेल के लिए काफी पसंद किया जाता है। यह घरों में खाना पकाने के लिए और सलाद के तेल के रूप बड़े पैमाने पर उपयोग में लायाजाता है। यह मार्जरीन और शोर्टेनिंग के उत्पादन में एक कच्चा घटक है।

उत्पादन

पाम के तेल का व्यापार दुनिया भर में फैला हुआ है। हालांकि, इसका उत्पादन केवल कुछ देशों में ही होता है। पाम तेल दुनिया में एक प्रमुख वनस्पति तेल के रूप में निर्यात किया जाता है। इंडोनेशिया और मलेशिया एक साथ दुनिया के 87% पाम तेल का उत्पादन करते हैं और पाम तेल और उसके उत्पादों के सबसे बड़े निर्यातक भी हैं। अन्य उत्पादक थाईलैंड, नाइजीरिया और कोलंबिया हैं ।

चीन, यूई और भारत पाम तेल के सबसे बड़े उपभोक्ता हैं। इस तेल की प्रतिस्पर्धी कीमत इसकी बढ़ती खपत का एक प्रमुख कारण है। भारत इंडोनेशिया से क्रूड पाम तेल का आयात करता है, जबकि मलेशिया से आरबीडी पामोलिन का आयात करता है। भारत में पाम तेल का घरेलू उत्पादन काफीकम है; इसलिए, हम अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आरबीडी पाम तेल के आयात पर अधिक निर्भर करते हैं। चूँकि आरबीडी पामोलिन कीमत आम तौर पर ज्यादा ही होती है, इसीलिए इसमें निवेश करना एक बढ़िया अनुबंध है।

कीमतों को प्रभावित करने वाले कारक

आरबीडी पाल्मोलिन की कीमतों को प्रभावित करने वाले कारक हैं:

1. घरेलू और वैश्विक स्तर पर तिलहन का उत्पादन स्तर

2. प्रतिस्पर्धा तेलों की आपूर्ति और मांग दर

3. निर्यातक देशों के मुद्रा मूल्यों में उतारचढ़ाव

4. सरकार की निर्यातआयात नीतियाँ

5. पाम-तेल के उत्पादन का मौसम

6. बायोडीजल के उत्पादन में उपयोग के कारण क्रूड ताड़ के तेल की कीमतें

7. घरेलू क्षेत्रों में तिलहन उपयोग

8. आयातक देशों में तिलहन के उत्पादन से संबंधित सरकारी नीतियाँ

निष्कर्ष 

आरबीडी पाम तेल में निवेश करने के कई कारण हैं। आरबीडी पाम ओलेन मुद्रास्फीति की सुरक्षा, मांग वृद्धि की संभावनाएं, और किसी के पोर्टफोलियो में विविधता लाने का मौका प्रदान करता है। मुद्रास्फीति के समय के दौरान, खाद्य वस्तुओं की कीमत लगभग हमेशा बढती है। चूंकि भारत आरबीडी पामोलिन का एक प्रमुख उपभोक्ता है, इसलिए आपका इस समय के दौरान लाभ कमाना निश्चित हैं। पाम के फल की आपूर्ति की कमी भी है, जिसका उपयोग आरबीडी पाम ओलीन और अन्य तेलों को बनाने के लिए किया जाता है, इससे भी आरबीडी पाल्मोलिन की कीमत पर प्रभाव पड़ सकता है। यदि आप स्टॉक और बॉण्ड बदलना चाहते हैं तो आरबीडी पाल्मोलिन तेल में निवेश करना भी आपके पोर्टफोलियो में विविधता लाने का एक दिलचस्प तरीका है।